Prayagraj : महाकुंभ के टेंडर में शामिल फर्म ने साल स्लीपर के भंडारण का दिया झूठा हलफनामा
कोलकाता के विजय केडिया ने रायपुर के वन मंडलाधिकारी से शिकायत की है कि वहां की टिंबर कंपनियों ने राज्य से बाहर यूपी में जाकर महाकुंभ मेला में साल स्लीपर के असत्य स्टॉक उपलब्धता का शपथपत्र देकर टेंडर में प्रतिभाग किया है। इसके बाद वन मंडलाधिकारी के निर्देश पर गठित 14 सदस्यीय कमेटी ने टिंबर फर्मों के साल स्लीपर के भंडारण की जांच शुरू कर दी है।
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महाकुंभ में पांटून पुलों के निर्माण के लिए साल स्लीपर की आपूर्ति के लिए कराए गए टेंडर में शनिवार को नया मोड़ आ गया। इसमें हिस्सा लेने वाली कंपनियों की ओर से साल स्लीपर के भंडारण को लेकर दिए गए हलफनामे में जानकारी झूठी पाई गई है। इन कंपनियों के साल स्लीपर के भंडारण की जांच रिपोर्ट वन परिक्षेत्र अधिकारी ने रायपुर के वन मंडलाधिकारी को दी है। इस मामले में कंपनियों से संबंधित फर्मों से तीन दिन में दस्तावेजों के साथ वन क्षेत्राधिकारी कार्यालय में उपस्थित होने के लिए कहा गया है।
कोलकाता के विजय केडिया ने रायपुर के वन मंडलाधिकारी से शिकायत की है कि वहां की टिंबर कंपनियों ने राज्य से बाहर यूपी में जाकर महाकुंभ मेला में साल स्लीपर के असत्य स्टॉक उपलब्धता का शपथपत्र देकर टेंडर में प्रतिभाग किया है। इसके बाद वन मंडलाधिकारी के निर्देश पर गठित 14 सदस्यीय कमेटी ने टिंबर फर्मों के साल स्लीपर के भंडारण की जांच शुरू कर दी है।
महाकुंभ के टेंटर में सबसे कम दर प्रस्तुत करने वाली रायपुर की मेसर्स धोरमनाथ ड्रेडर्स के पास साल स्लीपर के भंडारण की जांच कराई गई तो इसके शपथ पत्र में की गई भंडारण की घोषणा और मौके पर मिली लकड़ी की उपलब्धता में बड़ा अंतर पाया गया। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि सहायक वन परिक्षेत्र अधिकारी ललित कुमार साहू की जांच रिपोर्ट से स्पष्ट है कि धोरमनाथ ट्रेडर्स की आरामशीन पर बीते मई महीने में किए गए साल वुड के भौतिक सत्यापन और जून के आखिरी सप्ताह में किए गए सत्यापन में व्यापक विसंगतियां पाई गई हैं।
धोरमनाथ ट्रेडर्स ने महाकुंभ के टेंडर में दिए गए शपथपत्र में अपने पास 1131.97 घनमीटर साल स्लीपर का भंडारण होने की बात कही है, जबकि सत्यापन में इस फर्म के पास 386.878 घनमीटर ही साल स्लीपर पाई गई। वन परिक्षेत्र अधिकारी ने मेसर्स धोरमनाथ ट्रेडर्स को नोटिस जारी कर कहा है कि सत्यापन के दौरान उससे संबंधित दस्तावेज की मांग किए जाने पर उपलब्ध नहीं कराया गया। न ही साल स्लीपर के भंडारण की विषमताओं के संबंध में और न ही किसी प्रकार का वैध दस्तावेज प्रस्तुत किया गया। ऐसे में तीन दिन में अगर इस अनियमितता के बारे में फर्म की ओर से अपना स्पष्ट पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया तो उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
साल स्लीपर के भंडारण का झूठा हलफनामा देने वाली फर्मों के बारे में अफसरों को दी गई जानकारी
महाकुंभ में बसने वाली तंबुओं की नगरी में प्रवेश के लिए पांटून पुलों के निर्माण को साल स्लीपर की आपूर्ति के टेंडर में हिस्सा लेने वाली फर्मों के झूठे शपथपत्रों की जानकारी शनिवार को उच्चाधिकारियों को दी गई। टेंडर कमेटी के अध्यक्ष पीडब्ल्यूडी के मुख्य अभियंता विजय कन्नौजिया, अक्षीक्षण अभियंता देवेंद्र कुमार सिंह, निर्माण खंड चार के एक्सईएन सुरेंद्र सिंह को ई-मेल के जरिये रायपुर के वन परिक्षेत्र अधिकारी की सत्यापन रिपोर्ट की जानकारी दी गई। जिन कंपनियों की ओर से साल स्लीपर के भंडारण का झूठा शपथपत्र प्रस्तुत करने की जानकारी दी गई है, उनमें अनमोल टिंबर्स, धोरमनाथ ट्रेडर्स, धोरमनाथ ट्रेडिंग कंपनी, नथानी टिंबर्स, केएन पटेल और एन मोहनलाल वुड प्रोडक्ट्स के नाम शामिल हैं।