इलाहाबाद विवि में शुरू हुई सम्मान समारोह की परंपरा
इलाहाबाद विश्वविद्यालय में मेधावी विद्यार्थियों तथा शिक्षण कार्य में विशेष उपलब्धि हासिल करने वाले शिक्षकों, कर्मचारियों को सम्मानित करने की परंपरा शुरू होने जा रही है। इसकी शुरुआत गणतंत्र दिवस से होगी। दीक्षांत समारोह नहीं होने की वजह से मेडल से वंचित अलग-अलग कक्षाओं के टॉपर्स भी सम्मानित होंगे। इनके अलावा शहर के तीन प्रमुख लोग सुचेत गोइंदी, न्यायमूर्ति प्रदीप कुमार सिंह बघेल और डॉ.जितेंद्र कुमार जैन को भी सम्मानित किया जाएगा।
गणतंत्र दिवस पर विशिष्ट सम्मान से सम्मानित होने शिक्षक प्रोफेसर एचडी शर्मा, प्रोफेसर केजे नसरीन, प्रोफेसर केएस मिश्रा, प्रोफेसर अनुपम दीक्षित, प्रोफेसर नारायण श्रीनिवासन, प्रोफेसर जयंत कुमार पति, प्रोफेसर वंदना सिंह, प्रोफेसर एसआई रिजवी और डॉ.आलोक प्रसाद हैं। कर्मचारी विक्रमाजीत विश्वकर्मा, एमपी निराला, कमला देवी और रमेश को भी सम्मानित किया जाएगा।
अपनी कक्षाओं में प्रथम स्थान पाने वाले छात्र-छात्रा यशी जायसवाल, हिमांशु शुक्ला, विवेक सिंह, शुभि तिवारी, मेहुल खरे, सुचेता चौरसिया, नंदिनी रैजादा, शिवानी श्रीवास्तव, सौम्या, मोनिका सरीन, समीक्षा सिंह, सूर्या नाज, मंजू यादव, अनुपम गुप्ता, शुभ्रा पॉल, निर्मल कुमार, पवन कुमार, शाकिर हुसैन, रजत सिंह, प्रिया जौहरी, श्वेता केसरवानी, सुशील कुमार तिवारी, चंद्र माला, शताक्षी पांडेय, अंकिता पाठक, वेदिका पांडेय, नौशीन मंजूर, शबीना बेगम, आदित्य जैन, गरिमा देवी, दिव्या शुक्ला, निधि पांडेय, सुशांत सिंह, सिफत जाहरा, माधवी त्रिपाठी, उदय प्रताप सिंह, निलांशा पांडेय, प्रतिभा पांडेय, पारुल केशरी, आइशा सईद, वंदना शुक्ला, साइमा जैदी, कुंवर शोभित मिश्रा, विद्या नंद पांडेय, राकेश कुमार तिवारी, गरिमा सिंह, अनामिका, विवेक सिंह, देवश्री, अनु मिश्रा, प्रज्ञा पांडेय, अयूब अरशद, श्वेता चतुर्वेदी, ऋषभ मालवीय, रागिनी मिश्रा, श्रेया त्रिपाठी, राहुल कुमार कुशवाहा और सोनल त्रिपाठी को भी पुरस्कृत किया जाएगा।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर आरएन दुबे को मरणोपरांत नेशनल एसोसिएशन ऑफ जियोग्राफर्स, इंडिया (नागी) के भूगोल रत्न सम्मान से नवाजे जाने की घोषणा की गई है। पूर्व विभागाध्यक्ष तथा नागी के कार्यकारी सदस्य प्रोफेसर एचएन मिश्रा ने बताया कि प्रोफेसर दुबे विश्वविद्यालय के भूगोल विभाग के संस्थापक आचार्य एवं अध्यक्ष थे। भूगोल विषय को प्रोन्नत करने में उनके योगदान को देखते हुए नागी ने उन्हें इस सम्मान के लिए चुना है।