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शिक्षक भर्ती: फरार भट्ठा संचालक समेत तीन की तलाश, सुरागकशी में जुटी एसटीएफ
Sat, 13 Jun 2020 01:25 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 13 Jun 2020 01:25 AM IST
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69 हजार शिक्षक भर्ती मामले की विवेचना में जुटी एसटीएफ ने मामले में फरार चल रहे भट्ठा संचालक समेत तीन आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। तीनों की तलाश में एसटीएफ स्थनीय इकाई की तीन टीमें भदोही, मिर्जापुर व प्रतापगढ़ में सुरागकशी में लग गई हैं। तीनों जेल भेजे गए गिरोह के सरगना केएल पटेल के खास बताए जा रहे हैं।
शिक्षक भर्ती गिरोह के सरगना समेत कुल 11 लोग अब तक जेल भेजे जा चुके हैं। मामले की विवेचना में जुटी एसटीएफ ने एक दिन पहले ही प्रकरण से संबंधित दस्तावेज व अन्य चीजें कब्जे में ले ली थीं। दस्तावेजों की सघन जांच पड़ताल के बाद एसटीएफ अफसरों ने शुक्रवार को मामले में फरार चल रहे आरोपियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।
पता चला कि एक नामजद आरोपी मायापति भदोही का रहने वाला है और वह वहां पर ईट भट्ठे का संचालन करता है। मायापति के बारे में यह भी पता चला कि वह अपने भाई रुद्रपति के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को ढूढने का काम करता था और फिर उन्हें सरगना केएल पटेल से मिलवाता था। सबसे खास बात यह है कि प्रतापगढ़ के जिस राहुल सिंह की तहरीर पर मुकदमा लिखे जाने के बाद इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, उसे भी पटेल से मायापति ने ही मिलवाया था। मायापति व रंजीत ही उससे सबसे पहले मिले थे।
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बता दें कि मायापति का भाई रुद्रपति व रंजीत मामले में नामजद हैं और जेल भेजे जा चुके हैं। इसी तरह एक अन्य नामजद आरोपी धर्मेंद्र उर्फ आलोक, जो मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही फरार है, के बारे में पता चला कि वह इस गिरोह से बतौर सॉल्वर जुड़ा हुआ था। उसके बारे में यह पताचला है कि मिर्जापुर का रहने वाला धर्मेंद्र के मायापति व रुद्रपति से अच्छे संबंध हैं और उन्हीं के जरिए वह सरगना के संपर्क में आया।
पुलिस की विवेचना के दौरान प्रतापगढ़ निवासी दुर्गेंश सिंह का भी नाम सामने आया है। विवेचना में जुटी एसटीएफ के सदस्यों ने तीनों ही जिलों में सुरागरशी शुरू कर दी है। मामले में एसटीएफ अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका सिर्फ इतना कहना हैकि जांच की जा रही है।
इसके अलावा शिवकुटी में पिछले साल जनवरी में जेल भेजे गए सॉल्वर गिरोह के कमांडो व अन्य सदस्यों से भी जल्द पूछताछ की जाएगी। दरअसल कमांडो व अन्य सदस्यों ने पूछताछ में अपने सहयोगी के तौर पर केएल पटेल का नाम लिया था। सूत्रों की मानें तो इस बात की पूरी आशंका है कि न सिर्फ शिक्षक भर्ती बल्कि सरगना पटेल ने अन्य कई भर्ती परीक्षाओ में भी सेंधमारी की कोशिश की हो।
अब आगे एसटीएफ की जांच पूरी होने बाद उस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि जार्जटाउन निवासी संतोष कोरांव के बहरौचा क्षेत्र में तैनात था। पुलिस ने सरगना केएल पटेल से कनेक्शन के आरोप में उसे पांच दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोप है कि उसने भी शिक्षक भर्ती के कई अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के लिए वसूली की।
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शिक्षक भर्ती गिरोह के सरगना समेत कुल 11 लोग अब तक जेल भेजे जा चुके हैं। मामले की विवेचना में जुटी एसटीएफ ने एक दिन पहले ही प्रकरण से संबंधित दस्तावेज व अन्य चीजें कब्जे में ले ली थीं। दस्तावेजों की सघन जांच पड़ताल के बाद एसटीएफ अफसरों ने शुक्रवार को मामले में फरार चल रहे आरोपियों के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की।
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पता चला कि एक नामजद आरोपी मायापति भदोही का रहने वाला है और वह वहां पर ईट भट्ठे का संचालन करता है। मायापति के बारे में यह भी पता चला कि वह अपने भाई रुद्रपति के साथ मिलकर अभ्यर्थियों को ढूढने का काम करता था और फिर उन्हें सरगना केएल पटेल से मिलवाता था। सबसे खास बात यह है कि प्रतापगढ़ के जिस राहुल सिंह की तहरीर पर मुकदमा लिखे जाने के बाद इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ, उसे भी पटेल से मायापति ने ही मिलवाया था। मायापति व रंजीत ही उससे सबसे पहले मिले थे।
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बता दें कि मायापति का भाई रुद्रपति व रंजीत मामले में नामजद हैं और जेल भेजे जा चुके हैं। इसी तरह एक अन्य नामजद आरोपी धर्मेंद्र उर्फ आलोक, जो मुकदमा दर्ज होने के बाद से ही फरार है, के बारे में पता चला कि वह इस गिरोह से बतौर सॉल्वर जुड़ा हुआ था। उसके बारे में यह पताचला है कि मिर्जापुर का रहने वाला धर्मेंद्र के मायापति व रुद्रपति से अच्छे संबंध हैं और उन्हीं के जरिए वह सरगना के संपर्क में आया।
पुलिस की विवेचना के दौरान प्रतापगढ़ निवासी दुर्गेंश सिंह का भी नाम सामने आया है। विवेचना में जुटी एसटीएफ के सदस्यों ने तीनों ही जिलों में सुरागरशी शुरू कर दी है। मामले में एसटीएफ अफसर कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं। उनका सिर्फ इतना कहना हैकि जांच की जा रही है।
भर्ती परीक्षाओं का भी खंगाला जा रहा रिकॉर्ड
मामले की विवेचना में जुटी एसटीएफ टीईटी व रेलवे परीक्षा के दौरान जेल भेजे गए सॉल्वर गिरोह के सदस्यों से भी पूदताछ की तैयारी में है। बता दें कि इसी साल जनवरी में एसटीएफ ने सिविल लाइंस में टीईटी परीक्षा के दौरान पेपर लीक कराने में जुटे स्कूल प्रबंधक चंद्रमा यादव समेत अन्य को जेल भेजा था। पूछताछ के दौरान 69 हजार शिक्षक भर्ती में गिरफ्तार केएल पटेल भी चंद्रमा से परिचित होने की बात कबूल चुका है।इसके अलावा शिवकुटी में पिछले साल जनवरी में जेल भेजे गए सॉल्वर गिरोह के कमांडो व अन्य सदस्यों से भी जल्द पूछताछ की जाएगी। दरअसल कमांडो व अन्य सदस्यों ने पूछताछ में अपने सहयोगी के तौर पर केएल पटेल का नाम लिया था। सूत्रों की मानें तो इस बात की पूरी आशंका है कि न सिर्फ शिक्षक भर्ती बल्कि सरगना पटेल ने अन्य कई भर्ती परीक्षाओ में भी सेंधमारी की कोशिश की हो।
पुलिस की रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
उधर गिरोह के सदस्य के तौर पर नाम सामने आने पर कोरांव में तैनात लेखपाल संतोष बिंद को निलंबित किए जाने के बाद अगली कार्रवाई के लिए प्रशासन को पुलिस की जांच पूरी होने का इंतजार है। सूत्रों का कहना है कि लेखपाल का नियुक्ति प्राधिकारी एसडीएम होता है। ऐसे में एसडीएम की ओर से उसे निलंबित कर रिपोर्ट उच्चाधिकारियेां को भेज दी गई है।अब आगे एसटीएफ की जांच पूरी होने बाद उस पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि जार्जटाउन निवासी संतोष कोरांव के बहरौचा क्षेत्र में तैनात था। पुलिस ने सरगना केएल पटेल से कनेक्शन के आरोप में उसे पांच दिन पहले गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आरोप है कि उसने भी शिक्षक भर्ती के कई अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के लिए वसूली की।