Prayagraj : अतीक अहमद के गुर्गों पर केस लिखाने वाले का बयान दर्ज 10 लाख रंगदारी मांगने का है मामला
कसारी मसारी निवासी आजम ने अतीक के गुर्गे असाद, आवेज अहमद उर्फ गोलू, नदीम अहमद, शाद अहमद और दो अज्ञात पर 31 अगस्त को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि वह ऐनुद्दीनपुर स्थित प्लॉट पर था, तभी आरोपियों ने आकर असलहे तान दिए और 10 लाख रंगदारी मांगी।
विस्तार
करेली में अतीक अहमद के चार गुर्गों पर 10 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में वादी का बयान दर्ज करा लिया गया है। पुलिस ने कोर्ट में उसका बयान दर्ज कराया। अब उनके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी कराने की तैयारी है। कसारी मसारी निवासी आजम ने अतीक के गुर्गे असाद, आवेज अहमद उर्फ गोलू, नदीम अहमद, शाद अहमद और दो अज्ञात पर 31 अगस्त को मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप है कि वह ऐनुद्दीनपुर स्थित प्लॉट पर था, तभी आरोपियों ने आकर असलहे तान दिए और 10 लाख रंगदारी मांगी।
कहा कि जो भी काम कराता है, वह भाई को पैसे पहुंचाता है। पैसे देने से मना करने पर मारने पीटने लगे। वह भागा तो गोलियां भी चलाईं। मामले में अब तक आरोपी पकड़े नहीं जा सके हैं। गौरतलब है कि असाद नौ महीने से फरार चल रहा है।
करेली मे ही प्रॉपर्टी डीलर जीशान से पांच करोड़ की रंगदारी मांगने के अलावा पूरामुफ्ती में जीशान पर ही जानलेवा हमले में वांछित चल रहा है। यह दोनों मुकदमे क्रमश: पिछले साल 31 दिसंबर और इसी साल दो अगस्त को दर्ज कराए गए थे। अब तक उसे पकड़ा नहीं जा सका है। करेली के मुकदमे में उसके खिलाफ एनबीडब्ल्यू जारी भी चुका है। उधर करेली इंस्पेक्टर अरविंद कुमार गौतम ने बताया कि 10 लाख की रंगदारी मांगने के मामले में जल्द ही आरोपियों के खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कराने के लिए अर्जी दी जाएगी।
चार महीने बीते, अतीक के गुर्गों पर कार्रवाई नहीं
उधर धूमनगंज थाने में दर्ज दो मुकदमों में नामजद अतीक अहमद के गुर्गों मो. मुस्लिम व खालिद जफर समेत अन्य पर चार महीने बाद भी कार्रवाई नहीं हो सकी। गौरतलब है कि पांच मई को पिपरी निवासी सूरजपाल ने मुस्लिम, खालिद जफर, माज, हसन पर 20 लाख की रंगदारी मांगने के आरोप में केस दर्ज कराया था। एक महीने बाद ही मुस्लिम व उसके दो साथियों पर धूमनगंज थाने में एक और मुकदमा दर्ज हुआ। गयासुद्दीनपुर निवासी सुमन देवी ने आरोप लगाया कि उसकी करोड़ो की जमीन कब्जाकर प्लाटिंग कर दी गई। साथ ही विरोध पर गालीगलौज व जान से मारने को धमकाया गया। सीओ सिविल लाइंस एनएन सिंह का कहना है कि साक्ष्य संकलन किया जा रहा है।