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स्कूल संचालकों ने डीआईओएस के खिलाफ खोला मोर्चा
कौशाम्बी ब्यूरो
Updated Tue, 05 Dec 2017 11:06 PM IST
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दोआबा के वित्तविहीन स्कूल संचालकों ने डीआईओएस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संचालकों का आरोप है कि जिला विद्यालय निरीक्षक ने सुविधा शुल्क लेकर मानक नहीं पूरा करने वाले स्कूलों को बोर्ड परीक्षा का केंद्र बना दिया है। मामले की शिकायत सीएम से की गई है।
नकल मंडी के नाम से कुख्यात दोआबा में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर हर साल कुछ न कुछ बखेड़ा होता है। इस बार भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है। पिछले महीने बोर्ड ने यहां के 53 हजार छात्रों की परीक्षा के लिए 65 केंद्रों की अनंतिम सूची जारी की थी। सूची सार्वजनिक होने के बाद से ही तरह-तरह के सवाल खड़े किए जाने लगे। स्कूल संचालकों का आरोप है कि जिला विद्यालय निरीक्षक ने सुविधा शुल्क लेकर मानक नहीं पूरा करने वाले स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनवा दिया है।
जबकि संसाधनों से लैस विद्यालयों को इससे वंचित रखा गया है। इसे लेकर तमाम स्कूल संचालकों ने अपनी-अपनी आपत्तियां भी दर्ज करा दी हैं। शांति देवी उमावि गनपा, शिवपत्ति देवी उमावि खत्रीपुर समेत कई स्कूलों के संचालकों ने सीएम को पत्र भेजकर मामले की शिकायत की है। स्कूल संचालकों का कहना है कि केंद्र बनाने में बदनाम शुदा कालेजों को तरजीह दी गई है। उधर, डीआईओएस सत्येंद्र सिंह का कहना कि केंद्र निर्धारण का काम बोर्ड ने किया है। इसलिए आरोप निराधार हैं।
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नकल मंडी के नाम से कुख्यात दोआबा में परीक्षा केंद्रों के निर्धारण को लेकर हर साल कुछ न कुछ बखेड़ा होता है। इस बार भी ऐसा ही कुछ देखने को मिल रहा है। पिछले महीने बोर्ड ने यहां के 53 हजार छात्रों की परीक्षा के लिए 65 केंद्रों की अनंतिम सूची जारी की थी। सूची सार्वजनिक होने के बाद से ही तरह-तरह के सवाल खड़े किए जाने लगे। स्कूल संचालकों का आरोप है कि जिला विद्यालय निरीक्षक ने सुविधा शुल्क लेकर मानक नहीं पूरा करने वाले स्कूलों को परीक्षा केंद्र बनवा दिया है।
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जबकि संसाधनों से लैस विद्यालयों को इससे वंचित रखा गया है। इसे लेकर तमाम स्कूल संचालकों ने अपनी-अपनी आपत्तियां भी दर्ज करा दी हैं। शांति देवी उमावि गनपा, शिवपत्ति देवी उमावि खत्रीपुर समेत कई स्कूलों के संचालकों ने सीएम को पत्र भेजकर मामले की शिकायत की है। स्कूल संचालकों का कहना है कि केंद्र बनाने में बदनाम शुदा कालेजों को तरजीह दी गई है। उधर, डीआईओएस सत्येंद्र सिंह का कहना कि केंद्र निर्धारण का काम बोर्ड ने किया है। इसलिए आरोप निराधार हैं।
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