प्रयागराज नगर निगम : सपा ने अजय श्रीवास्तव को बनाया महापौर का प्रत्याशी, कायस्थ को टिकट देकर खेला दांव
समाजवादी पार्टी ने कायस्थ बिरादरी के अजय श्रीवास्तव को मेयर का टिकट देकर सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है। सपा ने अजय को टिकट देने के साथ एक तीर से दो निशाना साधने का भी प्रयास किया है।
विस्तार
समाजवादी पार्टी ने कायस्थ बिरादरी के अजय श्रीवास्तव को मेयर का टिकट देकर सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है। सपा ने अजय को टिकट देने के साथ एक तीर से दो निशाना साधने का भी प्रयास किया है। अब अगली चाल भाजपा को चलनी है। ऐसे में यह दिलचस्प होगा कि अजय के मुकाबले सत्ताधारी पार्टी किसे अपना प्रत्याशी चुनती है।दरअसल प्रयागराज नगर निगम का इस बार विस्तार हुआ है।
विस्तारित क्षेत्र में पिछड़ी जाति के साथ मुस्लिम वोटर भी बढ़े हैं। सपा ने बेहद सधी चाल से कायस्थ बिरादरी के नेता को टिकट देकर भाजपा के वोट बैंक में सेंध लगाने की तैयारी की है । बसपा द्वारा अतीक की पत्नी शाइस्ता परवीन को टिकट न देने के फैसले के बाद ही सपा ने अजय पर अपना दांव लगाया है।
चर्चा है कि सपा यहां से ब्राह्मण या पटेल बिरादरी के नेता तो पहले टिकट देना चाह रही थी, लेकिन बसपा के निर्णय के बाद बुधवार को ही लखनऊ में पार्टी पदाधिकारियों ने प्रयागराज के राजनीतिक समीकरण को देखते हुए अजय को यहां से उम्मीदवार घोषित कर दिया। शाइस्ता से बसपा द्वारा पलड़ा झाड़ने के बाद अब सपा को मुस्लिम वोटरों के छिटकने का भी डर कम रह गया है।
वहीं पार्टी द्वारा घोषित प्रत्याशी अजय की बात करें तो उनका लंबा राजनीतिक सफर बसपा में ही बीता। पेशे से व्यवसायी अजय 2017 से ही सपा में है। उनका शहर में एक टाइल्स का शोरूम है। इसके पूर्व उनका राजनीतिक सफर बहुजन समाज पार्टी के साथ था। 62 साल के अजय वर्ष 2002 में बसपा के टिकट पर शहर उत्तरी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके हैं। 2005 से 2009 तक उनके पास बसपा महानगर अध्यक्ष पद का दायित्व रहा। 2010 में वह जिले में लोकसभा प्रभारी एवं 2011 में बसपा के जिला प्रभारी बने।
वह कायस्थ पाठशाला में भी उपाध्यक्ष का दायित्व 2007 से 12 तक निभा चुके हैं।जार्जटाउन में ही सपा कार्यालय के पास उनका घर है। उनकी पत्नी प्रतिमा श्रीवास्तव गृहणी हैं। अजय की दो बेटियां हैं। दोनों की ही शादी हो चुकी है। एक लंदन में तो दूसरी बंगलुरू में रहती है। अजय श्रीवास्तव वर्ष 2007 से 2012 तक नामित पार्षद नगर निगम भी रह चुके हैं। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव इंद्रजीत सरोज ने ही उन्हें सपा ज्वाइन करवाई थी। उधर टिकट मिलने के बाद अजय ने बताया कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है उस पर वह पूरी तरह से खरा उतरने का प्रयास करेंगे। कहा कि निकाय चुनाव में सपा बेहतर प्रदर्शन करेगी।
दो कायस्थ मेयर बन चुके हैं प्रयागराज में
प्रयागराज में कायस्थ बिरादरी के दो मेयर अब तक बन चुके हैं। पहली बार यहां वर्ष 2001 में डा. केपी श्रीवास्वत मेयर बने। तब वह सपा में ही थे। हालांकि अब वह भाजपा एमएलसी हैं। इसके बाद वर्ष 2006 में कांग्रेस के चौधरी जितेंद्र नाथ सिंह मेयर बने। सपा ने वर्ष 2006 के चुनाव में विनोद चंद्र दुबे को मैदान में उतारा था। पार्टी ने वर्ष 2012 में किसी को भी टिकट नहीं दिया, जबकि वर्ष 2017 में एक बार फिर से विनोद चंद्र दुबे पर सपा ने भरोसा जताया, लेकिन वह भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही अभिलाषा गुप्ता नंदी से हार गए थे।