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समय पर कार की डिलीवरी न करने पर बुकिंग राशि ब्याज सहित लौटाएं: आयोग
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने टोयोटा फॉर्च्यूनर लेजेंडर कार की बुकिंग के बाद भी पांच साल तक डिलीवरी नहीं करने और निर्धारित कीमत से पांच लाख रुपये अधिक मांगने को सेवा में कमी माना है। आयोग ने डीलर को एक लाख रुपये की बुकिंग राशि आठ प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ वापस करने का आदेश दिया है।
यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहिम और सदस्य सरला ने दिया। प्रयागराज निवासी आकाश मिश्रा ने मार्च 2021 में गोयनका मोटर्स से टोयोटा फॉर्च्यूनर लेजेंडर कार बुक कराई थी। वाहन की कीमत 43,55,137 रुपये निर्धारित की गई थी। एक लाख रुपये बुकिंग राशि जमा की थी। याची का आरोप था कि पांच वर्ष बीतने के बावजूद वाहन की डिलीवरी नहीं की गई।
डीलर से संपर्क किया तो वाहन देने के बदले बिल में दर्ज कीमत से पांच लाख रुपये अधिक देने की मांग की गई। बढ़ी राशि नहीं दी तो वाहन की डिलीवरी नहीं की गई। वादी ने इसे आयोग में चुनौती देते हुए परिवाद दायर किया।
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डीलर ने आरोपों से इन्कार कर कहा कि 2021 में कोविड के कारण वाहनों की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। एक लाख रुपये केवल टोकन मनी थी। वाहन की कीमत डिलीवरी के समय बाजार मूल्य के आधार पर तय होती है। आयोग ने वाहन की पुरानी कीमत पर डिलीवरी कराने की मांग स्वीकार नहीं की। हालांकि, बुकिंग राशि ब्याज समेत लौटाने के साथ-साथ मानसिक-आर्थिक मुआवजे के रूप में 50 हजार रुपये और मुकदमा खर्च के लिए 10 हजार रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है।
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यह आदेश आयोग के अध्यक्ष मोहम्मद इब्राहिम और सदस्य सरला ने दिया। प्रयागराज निवासी आकाश मिश्रा ने मार्च 2021 में गोयनका मोटर्स से टोयोटा फॉर्च्यूनर लेजेंडर कार बुक कराई थी। वाहन की कीमत 43,55,137 रुपये निर्धारित की गई थी। एक लाख रुपये बुकिंग राशि जमा की थी। याची का आरोप था कि पांच वर्ष बीतने के बावजूद वाहन की डिलीवरी नहीं की गई।
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डीलर से संपर्क किया तो वाहन देने के बदले बिल में दर्ज कीमत से पांच लाख रुपये अधिक देने की मांग की गई। बढ़ी राशि नहीं दी तो वाहन की डिलीवरी नहीं की गई। वादी ने इसे आयोग में चुनौती देते हुए परिवाद दायर किया।
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डीलर ने आरोपों से इन्कार कर कहा कि 2021 में कोविड के कारण वाहनों की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। एक लाख रुपये केवल टोकन मनी थी। वाहन की कीमत डिलीवरी के समय बाजार मूल्य के आधार पर तय होती है। आयोग ने वाहन की पुरानी कीमत पर डिलीवरी कराने की मांग स्वीकार नहीं की। हालांकि, बुकिंग राशि ब्याज समेत लौटाने के साथ-साथ मानसिक-आर्थिक मुआवजे के रूप में 50 हजार रुपये और मुकदमा खर्च के लिए 10 हजार रुपये भुगतान करने का आदेश दिया है।