Rakesh Pandey Encounter: प्रयागराज पुलिस ने भी राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पांडेय पर घोषित किया था 50 हजार का इनाम
एसटीएफ द्वारा एनकाउंटर में मारे गए भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के आरोपी मुख्तार अंसारी और मन्ना बजरंगी के करीबी शूटर राकेश पांडेय उर्फ हनुमान पांडेय के खिलाफ प्रयागराज पुलिस ने भी 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस उसकी काफी समय से तलाश कर रही थी। सबसे पहले उसका नाम दिलीप मिश्रा मामले में सामने आया था।
बता दें कि 28 मई 2020 को पुलिस ने खान मुबारक गैंग के शार्प शूटर अखंड प्रताप सिंह उर्फ नीरज सिंह को चाका के पूर्व ब्लाक प्रमुख दिलीप मिश्रा के कॉलेज से गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा था कि दिलीप मिश्रा ने पैसे के लेनदेन को लेकर चल रही खुन्नस के चलते एक प्रापर्टी डीलर की हत्या के लिए नीरज सिंह को अपने कॉलेज में शरण दी थी।
दिलीप ने प्रापर्टी डीलर की हत्या के लिए नीरज को पांच लाख रुपये की सुपारी दी थी। पुलिस ने छापा मारकर नीरज सिंह के साथ दिलीप मिश्रा के पुत्र शुभम मिश्रा को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। सूत्रों के अनुसार दिलीप मिश्रा अपने करोड़ों रुपये डूबने के चलते प्रॉपर्टी डीलर से खफा था। प्रापर्टी डीलर के भाजपा और संघ से जुड़े होने के चलते उसे लगा कि उसका पैसा डूब जाएगा तो उसने प्रापर्टी डीलर को रास्ते से हटाने की साजिश रची थी। पुलिस ने नीरज सिंह की गिरफ्तारी के बाद इसका दावा किया था।
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक समाजवादी पार्टी से जुड़े दिलीप मिश्रा ने तकरीबन एक करोड़ रुपये की रकम जमीन के कारोबार में इस धंधे से जुड़े लोगों के जरिए लगाई थी। वो सारी रकम उसकी डूब गई थी। करीब चार साल पहले पैसे लेने वालों ने दिलीप मिश्रा से दूरी बनानी शुरू कर दी। सूत्रों के अनुसार पुलिस को दिए गए बयान में दिलीप मिश्रा ने बताया कि जब उसने अपना पैसा मांगना शुरू किया तब तक में प्रदेश में सरकार बदल चुकी थी और सत्ता पक्ष से जुड़े होने की वजह से पैसे लेने वालों ने धमकाना शुरू कर दिया था।