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प्रयागराजः पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा सवालों के घेरे में
Mon, 04 Mar 2019 04:53 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Mon, 04 Mar 2019 04:53 AM IST
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PCS Examination 2018
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) की ओर से आयोजित पीसीएस-2018 की प्रारंभिक परीक्षा भी सवालों के घेरे में है। आरोप है कि परीक्षा की 28 ओएमआर कॉपियां आयोग को डाक से भेजे जाने के बजाय सीधे पर्यवेक्षक के माध्यम से उपलब्ध कराई गईं, वह भी परीक्षा के चार दिनों बाद। हालांकि, आयोग की ओर से इन आरोपों को खारिज करते हुए इसे दुष्प्रचार बताया गया है।
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सूत्रों का कहना है कि सीबीआई टीम ने आयोग में जांच के दौरान पीसीएस-2018 में यह गड़बड़ी पकड़ी है। हालांकि, सीबीआई आयोग की जिन परीक्षाओं की जांच कर रही है, उस दायरे में पीसीएस-2018 की परीक्षा शामिल नहीं है, लेकिन सूत्र बता रहे हैं कि कुछ अभ्यर्थियों ने सीबीआई के समक्ष अपनी शिकायत दर्ज कराते हुए पीसीएस-2018 में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं।
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आरोप है कि शाहजहांपुर के एक केंद्र में द्वितीय सत्र की परीक्षा में 322 ओएमआर कॉपियों का प्रयोग हुआ था, लेकिन आयोग को परीक्षा वाले दिन 311 ओएमआर कॉपियां डाक के माध्यम से भेजी गईं।
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बाकी 11 ओएमआर कॉपियां वहां के पर्यवेक्षक ने चार दिन बाद आयोग को रिसीव कराईं। इसी तरह लखनऊ के एक केंद्र में द्वितीय सत्र में प्रयुक्त ओएमआर कॉपियों में 17 ओएमआर चार दिन बाद पर्यवेक्षक ने आयोग में रिसीव कराईं। आरोप लगाए जा रहे हैं कि बाद में रिसीव कराई गईं ओएमआर कॉपियों में गड़बड़ी की गई है।
सूत्रों के मुताबिक जिन संदिग्धों ने यह काम किया है, सीबीआई ने उनसे पूछताछ की है। हालांकि, आयोग के सचिव जगदीश का कहना है कि आरोप निराधार हैं। अगर ऐसा होता तो सीबीआई उन्हें जानकारी देती, जो आरोप लगा रहे हैं, वे साक्ष्य भी प्रस्तुत करें। यह सब दुष्प्रचार है और आयोग को बदनाम करने की साजिश है।