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जेल वार्डरों से अधिक भुगतान की वसूली पर रोक
Fri, 02 Oct 2020 07:42 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 02 Oct 2020 07:42 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जेल वार्डरों का गलत वेतन निर्धारण कर उसे अधिक वेतन का भुगतान करने और बाद में वार्डर से उसकी वसूली की कार्यवाही पर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने वार्डर से अधिक भुगतान किए गए वेतन की वसूली पर रोक लगा दी है। बरेली सेंट्रल जेल में तैनात जेल वार्डर किशन पाल सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति अजय भनोट ने यह आदेश दिया।
याची के अधिवक्ता धनंजय कुमार मिश्र का कहना था कि जेल वार्डरों के वेतन निर्धारण में विभाग द्वारा गलती की गई। उनको अधिक भुगतान किया गया। इसमें याचीगण की कोई गलती नहीं है। इसके बाद डीआईजी कारागार, प्रशासन व सुधार ने 15 जून, 24 जून व 29 जुलाई को आदेश पारित कर अधिक भुगतान किए गए वेतन की वसूली का आदेश जारी कर दिया।
कोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि क्या याचीगण के विरुद्ध आदेश पारित करने से पूर्व उनको अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। और क्या वेतन निर्धारण के समय याची से इस आशय की अंडरटेकिंग ली गई थी यदि उसे अधिक भुगतान किया गया तो याची को इसे लौटाना होगा। कोर्ट ने दोनों बिंदुओं पर 12 अक्तूबर तक जानकारी मांगी है। याचिका की अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को होगी।
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याची के अधिवक्ता धनंजय कुमार मिश्र का कहना था कि जेल वार्डरों के वेतन निर्धारण में विभाग द्वारा गलती की गई। उनको अधिक भुगतान किया गया। इसमें याचीगण की कोई गलती नहीं है। इसके बाद डीआईजी कारागार, प्रशासन व सुधार ने 15 जून, 24 जून व 29 जुलाई को आदेश पारित कर अधिक भुगतान किए गए वेतन की वसूली का आदेश जारी कर दिया।
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कोर्ट ने प्रदेश सरकार से पूछा है कि क्या याचीगण के विरुद्ध आदेश पारित करने से पूर्व उनको अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। और क्या वेतन निर्धारण के समय याची से इस आशय की अंडरटेकिंग ली गई थी यदि उसे अधिक भुगतान किया गया तो याची को इसे लौटाना होगा। कोर्ट ने दोनों बिंदुओं पर 12 अक्तूबर तक जानकारी मांगी है। याचिका की अगली सुनवाई 12 अक्तूबर को होगी।
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