prayagraj violence : 10 हजार जवानों ने संभाली सुरक्षा की कमान, ड्रोन से की गई निगरानी
अटाला में पिछले जुमे यानी 10 जून को जबरदस्त बवाल हुआ था। पथराव, बमबाजी के साथ ही आगजनी भी की गई थी। शासन ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन के आला अफसरों संग बैठक कर निर्देशित किया था कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो।
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अटाला में पिछले हफ्ते हुए बवाल को देखते हुए इस बार व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। अटाला समेत खुल्दाबाद व करेली सहित आसपास के इलाकों में ड्रोन से निगरानी शुरू कर दी गई है। उधर सुरक्षा की दृष्टि से पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। 10 हजार जवान पूरे क्षेत्र में तैनात किए गए हैं। इनमें पुलिस के साथ ही आरएएफ, पीएसी के जवानों को भी मुस्तैद किया गया है। आला अफसर बृहस्पतिवार को दिन भर पूरे क्षेत्र का भ्रमण करते रहे। उधर शाम को फोर्स ने करीब दो घंटे तक पूरे इलाके में फ्लैग मार्च किया।
अटाला में पिछले जुमे यानी 10 जून को जबरदस्त बवाल हुआ था। पथराव, बमबाजी के साथ ही आगजनी भी की गई थी। शासन ने इसे बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस प्रशासन के आला अफसरों संग बैठक कर निर्देशित किया था कि ऐसी घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके पुख्ता इंतजाम कर लिए जाएं। इसी के तहत जुमे पर सौहार्द्र और शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए तगड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। एक दिन पहले ही अटाला व आसपास के क्षेत्रों में भारी फोर्स तैनात कर दी गई। 40 थानों की फोर्स के साथ ही पीएसी और आरएएफ के जवानों को भी मुस्तैद किया गया है।
चार ड्रोन कैमरों से छतों पर भी निगरानी
जवानों की तैनाती व सर्विलांस सिस्टम को पुख्ता करने के क्रम में ही एक दिन पहले से ही पूरे क्षेत्र की ड्रोन कैमरों से निगरानी शुरू कर दी गई है। पुलिस अफसरों ने बताया कि अटाला, नूरुल्लाह रोड समेत आसपास के इलाकों पर नजर रखने के लिए कुल चार ड्रोन कैमरों की व्यवस्था की गई है। इनसे मिलने वाली फीड की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर रिकॉर्डिंग भी सुरक्षित रखी जा रही है।
सुरक्षा संबंधी सभी प्रबंध कर लिए गए हैं। मैं और आलाधिकारी लगातार क्षेत्र पर नजर बनाए हुए हैं। सभी से अपील है कि शांति और सौहार्द्र का माहौल कायम रखें। कहीं भी कोई माहौल बिगाड़ने की कोशिश करेगा तो सख्ती से निपटा जाएगा। - अजय कुमार, एसएसपी