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पुलिस कांस्टेबल से अफसर बने प्रयागराज के धीरज गुप्ता, बने युवा कल्याण अधिकारी
Sun, 13 Jun 2021 10:31 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 13 Jun 2021 10:31 PM IST
सार
सफलता किसी प्रतिभा की मोहताज नहीं होती और इस बात को बहरिया के धीरज कुमार गुप्ता ने साबित कर दिखाया है। पुलिस विभाग में आरक्षी केपद पर तैनात धीरज ने लोअर पीसीएस 2018 परीक्षा में सफलता पाकर युवा कल्याण अधिकारी पद पर चयन पाया है।
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prayagraj news : धीरज कुमार गुप्ता, युवा कल्याण अधिकारी।
- फोटो : prayagraj
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विस्तार
सफलता किसी प्रतिभा की मोहताज नहीं होती और इस बात को बहरिया के धीरज कुमार गुप्ता ने साबित कर दिखाया है। पुलिस विभाग में आरक्षी केपद पर तैनात धीरज ने लोअर पीसीएस 2018 परीक्षा में सफलता पाकर युवा कल्याण अधिकारी पद पर चयन पाया है। उनकी इस सफलता से परिजनों व स्नेहीजनों में हर्ष है।
फतेहपुर पुलिस लाइन में तैनात धीरज के पिता छेदी लाल का निधन हो चुका है। बहरिया के चकिया धमौर गांव के रहने वाले धीरज ने अपनी शिक्षा शहर में ही मामा केघर रहकर पूरी की। 2015 में उनका चयन पुलिस विभाग में आरक्षी केपद पर हो गया। हालांकि इसके बाद भी वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में पूरी लगन से जुटे रहे। आखिरकार उन्हें उनकी मेहनत का फल भी मिला। 531 पदों के लिए हुई 2018 लोअर पीसीएस परीक्षा में सफलता पाकर वह युवा कल्याण अधिकारी केपद पर चयनित हुए हैं। दो भाई और एक बहन में सबसे बड़े धीरज सफलता का श्रेय अपनी माता, मामा और पत्नी अल्का गुप्ता को देते हैं।
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फतेहपुर पुलिस लाइन में तैनात धीरज के पिता छेदी लाल का निधन हो चुका है। बहरिया के चकिया धमौर गांव के रहने वाले धीरज ने अपनी शिक्षा शहर में ही मामा केघर रहकर पूरी की। 2015 में उनका चयन पुलिस विभाग में आरक्षी केपद पर हो गया। हालांकि इसके बाद भी वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में पूरी लगन से जुटे रहे। आखिरकार उन्हें उनकी मेहनत का फल भी मिला। 531 पदों के लिए हुई 2018 लोअर पीसीएस परीक्षा में सफलता पाकर वह युवा कल्याण अधिकारी केपद पर चयनित हुए हैं। दो भाई और एक बहन में सबसे बड़े धीरज सफलता का श्रेय अपनी माता, मामा और पत्नी अल्का गुप्ता को देते हैं।
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