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Prayagraj Magh mela: यमुना के जलस्तर में वृद्धि से संगम क्षेत्र में फिर बजी खतरे की घंटी
Wed, 26 Jan 2022 01:54 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 26 Jan 2022 01:54 AM IST
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magh mela
- फोटो : prayagraj
माघ मेले के सबसे बड़े स्नान पर्व मौनी अमावस्या से पहले शनिवार को यमुना के जलस्तर में वृद्धि से एक बार फिर चिंता बढ़ गई। हालांकि 24 घंटे में यमुना का जलस्तर दो सेंमी ही बढ़ा है, लेकिन त्रिवेणी संगम पर बनाए गए स्नान घाट के ऊपर पानी चढ़ने लगा।
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- फोटो : Prayagraj
उधर, गंगा का जलस्तर लगातार दूसरे दिन भी घटता रहा। इससे त्रिवेणी, काली और ओल्डजीटी इलाकों में राहत रही। इस बीच मंडलायुक्त संजय गोयल ने जल स्तर में वृद्धि से उत्पन्न हालात का अफसरों के साथ जायजा लिया और प्रभावित इलाकों बंध बनाने के साथ ही स्थितियों से निबटने के निर्देश दिए।
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magh mela
- फोटो : Prayagraj
गंगा के जलस्तर में वृद्धि से जल भराव और दलदल से प्रभावित इलाकों का मंडलायुक्त ने अफसरों के साथ दौरा किया। मंडलायुक्त ने गंगद्वीप के अलावा त्रिवेणी मार्ग स्थित सेक्टर-दो के अलावा अन्य कटान प्रभावित इलाकों में सिंचाई बाढ़ खंड की ओर से बनाए गए बंध का निरीक्षण किया। मंडलायुक्त ने अफसरों को हिदायत दी कि गंगा तट के समीप बसे श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की दिक्कतें नहीं आनी चाहिए।
magh mela
- फोटो : prayagraj
इस बीच यमुना के जलस्तर में वृद्धि शुरू होने से मौनी अमावस्या से पहले फिर खतरे की घंटी बजने लगी है। मंगलवार को यमुना के जलस्तर में दो सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। सोमवार को यमुना का जलस्तर 73.60 मीटर था। जबकि, मंगलवार को 73.62 मीटर रिकार्ड किया गया।
magh mela
- फोटो : Prayagraj
सिंचाई बाढ़ खंड के एक्सईएन बृजेश कुमार सिंह के मुताबिक यमुना के जलस्तर में मामूली वृद्धि के बाद भी अभी स्थिति नियंत्रण में है। इस दिन कानपुर बैराज से फिर 19हजार क्यूसेक पानी गंगा में छोड़ा गया। लेकिन, गंगा के जलस्तर में पिछले 24 घंटे के दौरान 10 सेमी की कमी दर्ज की गई है। सोमवार को फाफामऊ में गंगा का जलस्तर 77.52 मीटर था, जबकि मंगलवार को घटकर 77.42 मीटर पर आ गया।