फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Prayagraj Fake Currency Factory in Madrasa Were banks also broken into Fake notes have arrived

Fake Currency Factory: क्या बैंकों में भी लगाई सेंध, पहुंचे नकली नोट; इसलिए भीड़ वाली जगहों पर चलाते थे नोट

Thu, 29 Aug 2024 01:27 PM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 29 Aug 2024 01:27 PM IST
सार

प्रयागराज में नकली नोट छापकर देश की अर्थव्यवस्था में सेंध लगाने के एक बड़े खेल का पर्दाफाश हुआ है। एक मदरसे में नकली नोट छापने वाले गिरोह को पकड़ा गया है।

विज्ञापन
Prayagraj Fake Currency Factory in Madrasa Were banks also broken into Fake notes have arrived
Up News Fake Currency - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

प्रयागराज जिले में नकली नोट बनाने वाले गिरोह के पकड़े जाने के बाद यह भी सवाल उठ रहे हैं कि क्या इस गिरोह ने बैंकों में भी सेंध लगाई। दरअसल हाल ही में जनपद स्थित बैंकों से आरबीआई के करेंसी चेस्ट में नकली नोट पहुंचने के कई मामले सामने आए। इनमें आरबीआई अफसर ने करीब 12 मामले भी दर्ज कराए गए हैं, जिनकी विवेचना चल रही है।
विज्ञापन


आरबीआई के दावा अनुभाग के प्रबंधक आईपीएस गहलोत ने खुल्दाबाद, कीडगंज, सिविल लाइंस व कर्नलगंज थानों में केस दर्ज कराए हैं। इनमें बताया गया है कि संबंधित थाना क्षेत्र स्थित विभिन्न बैंकों से आरबीआई के करेंसी चेस्ट में भेजी जाने वाली रकम में नकली नोट पाए गए। इनमें 100 से लेकर 500 और दो हजार तक के नोट शामिल हैं।
विज्ञापन


उधर, बुधवार को पकड़े गए गिरोह के बदमाशों ने फिलहाल सिर्फ 100 रुपये के नोट की छपाई की बात कबूली है। ऐसे में अब यह भी सवाल उठ रहे हैं कि गिरोह के तैयार किए गए नकली नोट कहीं बैंकों तक तो नहीं पहुंच गए।
विज्ञापन
विज्ञापन


डीसीपी दीपक भूकर ने बताया कि आरबीआई की ओर से दर्ज कराए गए मामलों की विवेचना चल रही है। जो भी नकली नोट उपलब्ध कराए गए थे, उन्हें परीक्षण के लिए प्रिंटिंग प्रेसों में भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Trending Videos

... तो आतंकवादी कृत्य की श्रेणी में आएगा अपराध
पुलिस अफसरों ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से बरामद नकली नोटों के नमूने को जांच के लिए भेजा जाएगा। अगर जांच में यह पाया गया कि उपरोक्त नोट उच्च गुणवत्ता वाली नकली कागजी मुद्रा है तो यह कृत्य आतंकवाद की श्रेणी में आएगा। इसके बाद उन पर संबंधित कानून के तहत केस चलेगा। गौरतलब है कि भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 178 से 182 के तहत करेंसी नोटों की जालसाजी अपराध है।

मदरसे में नकली नोट छापने के खेल का भंडाफोड़, मौलवी समेत चार गिरफ्तार
नकली नोट छापकर देश की अर्थव्यवस्था में सेंध लगाने के एक बड़े खेल का भंडाफोड़ बुधवार को शहर में हुआ। अतरसुइया के एक मदरसे में नकली नोट छापने वाले गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर उनसे 1.3 लाख रुपये के जाली नोट बरामद किए गए। इनमें मौलवी भी शामिल है। बरामद जाली नोट 100-100 के हैं।



 

एसीपी सिविल लाइंस श्वेताभ पांडेय के मुताबिक, कुछ लोगों के सिविल लाइंस में नकली नोट पहुंचाने की सूचना पर टीम ने बस अड्डे के पास से दो युवकों को पकड़ा। मोहम्मद अफजल व शाहिद नाम के इन युवकों से 100-100 रुपये के नोटों की दो गड्डियांं बरामद हुईं। जांच में बरामद नोट नकली निकले।

 

थाने लाकर पूछताछ के बाद उनकी निशानदेही पर टीम ने अतरसुइया के जामिया हबीबिया मस्जिदे आजम मदरसा में छापा मारा। वहां बड़ी संख्या में नकली नोट और इन्हें तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर, बिना कटे हुए नोट के छपे 234 पेज आदि बरामद बरामद किए गए।

 

पुलिस ने जाली नोट छापने वाले जाहिर खान उर्फ अब्दुल जाहिर और मदरसे को मौलवी मोहम्मद तफसीरुल आरिफीन को भी गिरफ्तार कर लिया। देर शाम कोर्ट के आदेश पर सभी को जेल भेज दिया गया।

 

15 हजार में देते थे 45 हजार मूल्य के जाली नोट
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया है कि वह 15 हजार असली नोट के बदले 45 हजार के जाली नोट देेते थेे। बीते तीन महीने से वह यह काम कर रहे थे। गिरफ्तार अफजल व शाहिद करेली (प्रयागराज), जबकि जाहिर आजाद बस्ती थाना बाशुदेवपुर जनपद भद्रक, ओडिशा का रहने वाला है। गिरफ्तार मौलवी तफसीरुल भी जाहिर के ही गांव का है, जो कई साल से अतरसुइया स्थित मदरसे में रह रहा है। इन्होंने अतरसुइया, कीडगंज, खुल्दाबाद आदि इलाकों में लाखों के जाली नोट खपाए हैं।

 

किराये पर लिया था कमरा, सील किया गया
मौलवी ने गुमराह किया कि उसने जाहिर को कमरा किराये पर दिया था, लेकिन जाहिर से पूछताछ में सच्चाई सामने आ गई। जाहिर ने बताया है कि मौलवी भी धंधे में शामिल था और नकली नोट से होने वाली कमाई में बाकायदा हिस्सा भी लेता था। पुलिस ने मदरसे का कमरा सील करा दिया है।

 

भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चलाते थे नोट
आरोपियों ने बताया कि नोट भीड़भाड़ वाले स्थानों पर चलाते थे। रिक्शे, ऑटो, सब्जी, किराना जैसी छोटी दुकानों पर नोट चलाते थे। कम राशि का नोट होने से दुकानदार भी ज्यादा जांच नहीं करते थे, इसलिए नोट पकड़ में नहीं आते थे।
 

प्रारंभिक पूछताछ में पता चला है कि ओडिशा निवासी जाहिर इस गिरोह का सरगना है, जबकि गिरफ्तार अन्य तीन उसके सहयोगी हैं। अब तक अन्य किसी गैंग से उनका कनेक्शन सामने नहीं आया है। विस्तृत पूछताछ के लिए पुलिस जल्द ही उन्हें रिमांड पर लेगी। -दीपक भूकर, डीसीपी नगर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed