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ट्रिपल आईटी और एनआईटी में भी बीटेक के बाद पीएचडी
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 09 Feb 2018 01:36 AM IST
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बजट -2018 में घोषित प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के तहत अब भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (ट्रिपलआईटी), मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एमएनएनआईटी) के छात्र बीटेक के बाद सीधे पीएचडी कर सकेंगे। कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप को मंजूरी मिलने के बाद आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपलआईटी के बीटेक छात्रों को अगले शिक्षण सत्र से सीधे पीएचडी में दाखिला मिल सकेगा। इसके लिए सात वर्षों के लिए 1650 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। योजना के तहत प्रतिवर्ष एक हजार छात्र चुने जाएंगे।
बीटेक के बाद आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपलआईटी के छात्रों को सीधे पीएचडी में प्रवेश दिए जाने की घोषणा के बाद ट्रिपलआईटी के छात्रों एवं शिक्षकों ने खुशी जाहिर की है। ट्रिपलआईटी के निदेशक प्रो. पी नागभूषण का कहना है कि सरकार की यह पहल स्वागत योग्य है। मंत्रालय की ओर से जैसे ही यह प्रस्ताव संस्थान में आएगा, सीनेट से मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से अच्छे शिक्षक मिलेंगे। संस्थान के इलेक्ट्रानिक्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने सरकार की पहल का स्वागत किया है।
वर्ष 2016 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी में शिक्षकों की भारी कमी का जिक्र किया गया था। आईआईटी मुंबई में 38.6 फीसदी, आईआईटी खडगपुर में 42 फीसदी, आईआईटी रूड़की में 41 फीसदी, आईआईटी दिल्ली में 33 फीसदी, आईआईटी बीएचयू में 53.39 फीसदी शिक्षकों की कमी पाई गई थी। ऐसा पीएचडी के क्षेत्र में मेधावी छात्रों के न जाने के कारण हुआ । तब सांसद सत्य नारायण जटिया की अध्यक्षता में गठित स्थाई संसदीय कमेटी ने आईआईटी में प्रोफेसरों की कमी को गंभीर माना था।
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इस योजना के तहत ट्रिपलआईटी, आईआईटी और एनआईटी के सर्वश्रेष्ठ छात्रों को प्रवेश दिया जा सकेगा। सीधे पीएचडी में बीटेक अथवा इंटीग्रेटेड एमएससी, एमटेक, एमएससी के अंतिम वर्ष के छात्रों को भी मिलेगा प्रवेश। बीटेक के बाद सीधे पीएचडी में प्रवेश के लिए आईआईटी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) को सेंटर बनाया गया है।
-योजना के तहत छात्रों को पहले दो वर्ष में 70 हजार, तीसरे वर्ष में 75 हजार एवं चौथे और पांचवें वर्ष में 80 हजार फेलोशिप मिलेगी।
-प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के तहत अब पीएचडी छात्रों को वर्तमान व्यवस्था से तीन गुना अधिक धनराशि मिलेगी। इससे छात्रों में पीएचडी करने का आकर्षण बढ़ेगा।
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बीटेक के बाद आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपलआईटी के छात्रों को सीधे पीएचडी में प्रवेश दिए जाने की घोषणा के बाद ट्रिपलआईटी के छात्रों एवं शिक्षकों ने खुशी जाहिर की है। ट्रिपलआईटी के निदेशक प्रो. पी नागभूषण का कहना है कि सरकार की यह पहल स्वागत योग्य है। मंत्रालय की ओर से जैसे ही यह प्रस्ताव संस्थान में आएगा, सीनेट से मंजूरी के बाद इसे लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस पहल से अच्छे शिक्षक मिलेंगे। संस्थान के इलेक्ट्रानिक्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आशुतोष कुमार सिंह ने सरकार की पहल का स्वागत किया है।
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वर्ष 2016 में प्रकाशित एक रिपोर्ट में आईआईटी, एनआईटी, ट्रिपलआईटी में शिक्षकों की भारी कमी का जिक्र किया गया था। आईआईटी मुंबई में 38.6 फीसदी, आईआईटी खडगपुर में 42 फीसदी, आईआईटी रूड़की में 41 फीसदी, आईआईटी दिल्ली में 33 फीसदी, आईआईटी बीएचयू में 53.39 फीसदी शिक्षकों की कमी पाई गई थी। ऐसा पीएचडी के क्षेत्र में मेधावी छात्रों के न जाने के कारण हुआ । तब सांसद सत्य नारायण जटिया की अध्यक्षता में गठित स्थाई संसदीय कमेटी ने आईआईटी में प्रोफेसरों की कमी को गंभीर माना था।
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इस योजना के तहत ट्रिपलआईटी, आईआईटी और एनआईटी के सर्वश्रेष्ठ छात्रों को प्रवेश दिया जा सकेगा। सीधे पीएचडी में बीटेक अथवा इंटीग्रेटेड एमएससी, एमटेक, एमएससी के अंतिम वर्ष के छात्रों को भी मिलेगा प्रवेश। बीटेक के बाद सीधे पीएचडी में प्रवेश के लिए आईआईटी और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस (आईआईएससी) को सेंटर बनाया गया है।
-योजना के तहत छात्रों को पहले दो वर्ष में 70 हजार, तीसरे वर्ष में 75 हजार एवं चौथे और पांचवें वर्ष में 80 हजार फेलोशिप मिलेगी।
-प्रधानमंत्री रिसर्च फेलोशिप के तहत अब पीएचडी छात्रों को वर्तमान व्यवस्था से तीन गुना अधिक धनराशि मिलेगी। इससे छात्रों में पीएचडी करने का आकर्षण बढ़ेगा।