फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Patanjali Nursery School’s Dussehra celebration comes alive with Garba performances and a Ram Darbar

प्रयागराज : नन्हें बच्चों के गरबा और राम दरबार से महका पतंजलि नर्सरी स्कूल का दशहरा उत्सव

Sun, 18 Oct 2026 07:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sun, 18 Oct 2026 07:07 PM IST
सार

रामायण की मनमोहक प्रस्तुति, मां दुर्गा की आराधना और रंग-बिरंगे परिधानों में गरबा नृत्य ने बांधा समां, रावण के दस सिरों के प्रतीकात्मक अंत से दिया बुराइयों को त्यागने का संदेश।

विज्ञापन
Patanjali Nursery School’s Dussehra celebration comes alive with Garba performances and a Ram Darbar
पतंजलि स्कूल में रामायण उत्सव मनाते नन्हें-मुन्ने बच्चे। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

पतंजलि नर्सरी स्कूल में शनिवार को दशहरा एवं नवरात्र उत्सव हर्षोल्लास, भक्ति और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। विद्यालय के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से भारतीय संस्कृति, परंपरा और धार्मिक आस्था के विविध रंग बिखेरे। मां दुर्गा की स्तुति, राम दरबार की सजीव झांकी और पारंपरिक गरबा नृत्य ने पूरे परिसर को भक्तिमय बना दिया।

विज्ञापन

कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रेसिडेंट डॉ. कृष्णा गुप्ता और हेडमिस्ट्रेस विभा श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलन के साथ किया। इसके बाद बच्चों ने मधुर श्लोकों का गायन कर उत्सव को आध्यात्मिक रंग प्रदान किया। केजी के नन्हे विद्यार्थियों ने कथक की मनमोहक मुद्राओं में मां दुर्गा की स्तुति प्रस्तुत की। वहीं, बंगाली देवी गीत पर उनकी आकर्षक नृत्य प्रस्तुति ने दर्शकों का मन मोह लिया।

विज्ञापन

राम दरबार की प्रस्तुति ने मोहा मन

उत्सव का विशेष आकर्षण बच्चों की ओर से प्रस्तुत रामायण प्रसंग और राम दरबार रहा। नन्हे कलाकारों ने भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के स्वरूपों को मंच पर साकार कर दिया। उनकी मनमोहक प्रस्तुति ने उपस्थित अभिभावकों और अतिथियों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान सभी ने सामूहिक रूप से राम स्तुति कर प्रभु श्रीराम का स्मरण किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Trending Videos

रावण के दस सिरों के अंत से दिया संदेश

कार्यक्रम में उस समय विशेष क्षण आया, जब विद्यालय की प्रेसिडेंट डॉ. कृष्णा गुप्ता ने धनुष-बाण से रावण के दस सिरों के प्रतीकात्मक अंत की प्रस्तुति दी। इसके माध्यम से उन्होंने बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया। बच्चों और अभिभावकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि रावण के दस सिर हमारे भीतर मौजूद क्रोध, लोभ, अहंकार जैसी बुराइयों के प्रतीक हैं। हमें अपने भीतर की कमियों को दूर कर एक बेहतर इंसान बनने का संकल्प लेना चाहिए।

गरबा की प्रस्तुति पर झूम उठे अभिभावक

उत्सव के अंतिम चरण में रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों ने ऊर्जावान गरबा नृत्य प्रस्तुत किया। बच्चों के उत्साह, लयबद्ध कदमों और मनमोहक अंदाज ने दर्शक दीर्घा में बैठे अभिभावकों को भी झूमने पर मजबूर कर दिया। पूरे परिसर में उत्सव और उमंग का माहौल छा गया।

डॉ. कृष्णा गुप्ता ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उन्हें आशीर्वचन दिए। हेडमिस्ट्रेस विभा श्रीवास्तव ने सभी अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि त्योहार बच्चों को भारतीय संस्कृति, परंपराओं और अच्छे संस्कारों से जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सौम्या जौहरी और श्रीमती शिल्पा निघोसकर ने किया। अंत में ‘जय श्रीराम’ और ‘अंबे माता की जय’ के गगनभेदी जयकारों के साथ दशहरा एवं नवरात्रि उत्सव का भव्य समापन हुआ।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed