Navratri: चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन देवी ब्रह्मचारिणी स्वरूप की हुई आराधना, घर से मंदिरों तक वातावरण भक्तिमय
चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन घरों और मंदिरों में आदिशक्ति मां भगवती के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा आराधना की गई। कल्याणी देवी शक्तिपीठ समेत शहर और जनपद के सभी देवी मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार लगी रही।
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चैत्र नवरात्रि के दूसरे दिन घरों और मंदिरों में आदिशक्ति मां भगवती के दूसरे स्वरूप ब्रह्मचारिणी देवी की पूजा आराधना की गई। कल्याणी देवी शक्तिपीठ समेत शहर और जनपद के सभी देवी मंदिरों में भक्तों की लंबी कतार लगी रही। घरों में स्थापित कलश की विधि-विधान से पूजा की गई। देवी स्त्रोत श्री दुर्गा सप्तशती पाठ किया गया। मंदिरों में देवी के अमोघ मंत्र गूंजते रहे। माला, फूल, चुनरी, नारियल और मिष्ठान का मां को भोग लगाया गया।
शक्तिपीठ अलोपशंकरी, मां ललिता देवी, दुर्गा मंदिर कटरा, शीतला माता मंदिर धूमनगंज सहित सभी मंदिरों में देवी की आराधना की गई। सुबह से ही भक्तों की लंबी कतार देखी गई। देवी फूल की बिक्री काफी बढ़ गई है। गुड़हल का एक फूल दस रुपये में और छोटा माला 50 रुपये में बिक रहा है। इसी तरह अन्य फूल मालाओं के दाम भी बढ़ गए हैं। चौफटका स्थित अनंत माधव मंदिर में स्थापित मां दुर्गा के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ रही। इसी तरह संगम तट पर स्थित देवी मंदिर, वेणी माधव, सोमेश्वर महादेव स्थित देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ रही।
जेल में 1325 बंदियों ने रखा नवरात्र का प्रथम व्रत
नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को केंद्रीय कारागार नैनी और जिला जेल में करीब 1325 बंदियों ने नवरात्र के प्रथम दिन व्रत रखा। इसमें साठ महिला बंदी भी हैं। जेल प्रशासन ने व्रती बंदियों को मैनुअल के अनुसार फलाहार उपलब्ध कराया। इनमें से आधे बंदी नौ दिनों का व्रत रखेंगे, हालांकि अभी जेल प्रशासन उनका सही आंकड़ा नहीं बता सका है।
केंद्रीय कारागार नैनी में नवरात्र के प्रथम दिन 735 बंदियों ने व्रत रखा। वहीं जिला जेल नैनी में 590 बंदियों ने प्रथम दिन व्रत रखा। इसमें साठ महिला बंदी शामिल है। जेल प्रशासन ने बताया कि व्रत रखने वाले बंदी एक दिन पहले अपनी बैरक प्रभारी को इसकी जानकारी देते हैं। उसी के अनुसान उनके लिए फलाहार का प्रबंध किया जाता है।
जेल मैनुअल के अनुसार व्रत रहने वाले बंदी को पांच सौ ग्राम दूध, पांच सौ ग्राम उबला आलू, सौ ग्राम चीनी और दो केले या मौसमी फल उपलब्ध कराया जाता है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक केंद्रीय कारागार नैनी रंग बहादुर पटेल ने बताया कि मैनुअल के अनुसार सभी को अपने धर्म को मानने की स्वतंत्रता है। साथ ही उन्हें जेल मैनुअल के अनुसार सुविधाएं दी जाती है।