हाईकोर्ट : अगली सुनवाई से पहले प्रशासक को हटाने और गबन की वसूली का रिपोर्ट दें अफसर
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एटा जिले के क्षेत्र पंचायत प्रशासक (ब्लॉक प्रमुख रवि वर्मा) के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले रवि वर्मा को पद से हटाने की कार्रवाई पूरी की जाए।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एटा जिले के क्षेत्र पंचायत प्रशासक (ब्लॉक प्रमुख रवि वर्मा) के खिलाफ भ्रष्टाचार मामले को गंभीरता से लिया है। कोर्ट ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले रवि वर्मा को पद से हटाने की कार्रवाई पूरी की जाए। साथ ही उनके कार्यकाल के दौरान की गई सभी गतिविधियों का पूरा विवरण अदालत के सामने प्रस्तुत किया जाए।
इसके साथ ही हाईकोर्ट ने प्रशासन से यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि 2024 की जांच आख्या के क्रम में हुई अनियमितता और वित्तीय नुकसान की वसूली के लिए अब तक क्या कदम उठाए गए हैं। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 4 नवंबर 2026 की तिथि नियत की है। यह आदेश मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली और न्यायाधीश क्षितिज शैलेंद्र की खंडपीठ ने दिया है।
याची राम कुमार मारहरा ब्लॉक प्रमुख रवि वर्मा के खिलाफ भ्रष्टाचार व अनियमितता का आरोप लगाते हुए जनहित याचिका दायर की थी। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि 27 नवंबर 2024 की जांच रिपोर्ट में रवि वर्मा को दोषी पाया गया था। रिपोर्ट याचिका दाखिल होने के लगभग दो साल बाद जिला मजिस्ट्रेट के संज्ञान में आना अधिकारियों की गंभीर शिथिलता को दर्शाता है। अदालत ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि भ्रष्टाचार में लिप्त लोग बिना किसी डर के पदों का आनंद लेते रहते हैं और उन पर कोई कार्रवाई नहीं होती।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि अब प्रशासक को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस पर पीठ ने सख्त निर्देश जारी करते हुए कहा कि अगली तिथि से पहले प्रशासक को हटाने का काम पूरा किया जाए, उनकी ओर से अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर लिए गए फैसलों की रिपोर्ट दी जाए और वसूली की कार्रवाई की पूरी स्थिति स्पष्ट की जाए।