फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   NCR Railway: Railway's New Pamban Bridge will be visible in Mahakumbh

NCR Railway : महाकुंभ में होगा रेलवे के न्यू पंबन ब्रिज का दीदार, श्रद्धालु देख सकेंगे स्लीपर वंदे भारत

Thu, 02 Jan 2025 05:18 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 02 Jan 2025 05:18 AM IST
सार

महाकुुंभ के मौके पर परेड मैदान में उत्तर मध्य रेलवे का शिविर लगाया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। इस शिविर में रेलवे की ओर से प्रदर्शनी लगाई जा रही। जहां श्रद्धालु जान सकेंगे कि इस अगर पुल के नीचे से कोई बड़ा जहाज निकलता है तो पुल को ऊपर कैसे उठाया जाता है।

विज्ञापन
NCR Railway: Railway's New Pamban Bridge will be visible in Mahakumbh
पंबन ब्रिज। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

रामेश्वर द्वीप को जोड़ने के लिए मंडपम से पंबन तक बनाए गए न्यू रेलवे ब्रिज का दीदार लाखों श्रद्धालु महाकुंभ मेले में कर सकेंगे। रेलवे की ओर से लगाई जाने वाली प्रदर्शनी में इस ब्रिज का वर्किंग मॉडल रखा जाएगा। इस पुल की क्या खासियत है, कितनी लागत से इसका निर्माण हुआ, ऐसी तमाम जानकारियां इस मॉडल से लोगों को मिलेंगी।

विज्ञापन

महाकुुंभ के मौके पर परेड मैदान में उत्तर मध्य रेलवे का शिविर लगाया जा रहा है। इसका निर्माण कार्य भी शुरू हो गया है। इस शिविर में रेलवे की ओर से प्रदर्शनी लगाई जा रही। जहां श्रद्धालु जान सकेंगे कि इस अगर पुल के नीचे से कोई बड़ा जहाज निकलता है तो पुल को ऊपर कैसे उठाया जाता है। वह इस वर्किंग मॉडल के माध्यम से दिखाया जाएगा।

विज्ञापन

इस बार प्रदर्शनी में देश के पहले वर्टिकल लिफ्ट रेलवे सी ब्रिज ‘न्यू पंबन ब्रिज’ का वर्किंग मॉडल रखा जाएगा। इस पुल के गर्डर 72.5 मीटर की ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं, जिससे समुद्र से निकलने वाले जहाजों की आवाजाही हो सके।

विज्ञापन
विज्ञापन


भारतीय रेलवे की तमाम उपलब्धियां भी होर्डिंग और कट आउट के माध्यम से दिखाई जाएंगी। दिल्ली से श्रीनगर के बीच चलने वाली देश की पहली स्लीपर वंदे भारत की तस्वीरें व खूबियां भी प्रदर्शनी में होंगी। भारतीय रेलवे के इंजनों के अब तक के सफर को भी दिखाया जाएगा। इसकेे अलावा शताब्दी एक्सप्रेस कब शुरू हुई, देश में पहली रेल कब चली समेत तमाम जानकारियां भी प्रदर्शनी में उपलब्ध रहेंगी।



 

ट्रेन में शौचालय की शुरूआत का पत्र भी रहेगा प्रदर्शनी में

भारतीय रेल में शौचालय की शुरूआत कब हुई, इससे जुड़ी रोचक जानकारियां प्रदर्शनी में रहेंगी। वर्ष 1909 में एक पीड़ित यात्री ओखिल बाबू ने पत्र लिखकर ट्रेन में शौचालय बनाए जाने की मांग की थी। अंग्रेजी में लिखे इस पत्र को प्रदर्शनी में लगाया जाएगा। देश के महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों की तस्वीरें भी प्रदर्शनी मेें रहेंगी। एनसीआर के सीपीआरओ शशिकांत त्रिपाठी का कहना है कि प्रदर्शनी में इस बार काफी कुछ नई जानकारियां उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed