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विधायक विजय मिश्रा की पत्नी एमएलसी रामलली मिश्रा की अग्रिम जमानत मंजूर, बेटे की खारिज
Tue, 06 Oct 2020 04:49 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 06 Oct 2020 04:49 PM IST
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विधायक विजय मिश्र।
- फोटो : अमर उजाला
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ज्ञानपुर (भदोही) विधायक विजय मिश्रा की पत्नी और मिर्जापुर-सोनभद्र सीट से विधान परिषद सदस्य रामलली मिश्रा को राहत देते हुए शर्तों के साथ उनकी अंतरिम कार्यवाही जमानत मंजूर कर ली है, लेकिन कोर्ट ने विधायक के बेटे विष्णु मिश्रा को राहत देने से इंकार कर दिया और उनकी अर्जी खारिज कर दी है।
यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने रामलली और अन्य सहाभियुक्त की अर्जियो की सुनवाई करते हुए दिया है।
रामलली को कोर्ट ने डेढ लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। शर्त है कि वह सात नवंबर से एक सप्ताह तक रोज 11 बजे विवेचनाधिकारी के समक्ष उपस्थित होंगे। विवेचना में सहयोग करेंगी।
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इसके बाद भी बुलाये जाने पर विवेचनाधिकारी के समक्ष हस्तक्षेप के लिए आवेदन किया जाएगा। बिना कोर्ट की अनुमति विदेश नहीं होगी।अगर पास हो तो उसे एसएसपी / एसपी के सामने जमा कर देंगी। वह प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पीडित पक्ष को दृढ़ या प्रलोभन नहीं लेगी।
कोर्ट ने कहा है कि शर्त उल्लंघन की दशा में इस कोर्ट में अंतरिम जमानत के खिलाफ अर्जी दी जा सकती है। कोर्ट ने अर्जी पर राज्य सरकार से चार सप्ताह में जानकारी मांगी है।
कोर्ट ने विष्णु को यह कहते हुए जमानत देने से इंकार कर दिया है कि वह विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। इसके विरुद्ध पुनरीक्षण अर्जी खारिज कर दिया गया है। सारा व्यवसाय याची देख रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद के बाद से पैसे निकाले हैं। पीडित पक्ष ने धमकी देने की शिकायत भी की है। ऐसे मेशन जफर नहीं हो सकते।
ज्ञात है कि गोपीगंज थाना क्षेत्र के धनापुर दक्षिणी गांव निवासी और विधायक विजय मिश्रा के रिश्तेदार कृृृष्ण मोहन तिवारी उर्फ मुुुन्ना तिवारी ने मकान कब्जा करने और संपत्ति बेेेटे के नाम वसीयत कराने के प्रयास करने का मुकदमा चार अगस्त को गोपीगंंज थाने में विधाायक, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा के खिलाफ दर्ज कराया था। फिलहाल विधायक आगरा जेल में बंद हैं।
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यह आदेश न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने रामलली और अन्य सहाभियुक्त की अर्जियो की सुनवाई करते हुए दिया है।
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रामलली को कोर्ट ने डेढ लाख रुपये के मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया है। शर्त है कि वह सात नवंबर से एक सप्ताह तक रोज 11 बजे विवेचनाधिकारी के समक्ष उपस्थित होंगे। विवेचना में सहयोग करेंगी।
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इसके बाद भी बुलाये जाने पर विवेचनाधिकारी के समक्ष हस्तक्षेप के लिए आवेदन किया जाएगा। बिना कोर्ट की अनुमति विदेश नहीं होगी।अगर पास हो तो उसे एसएसपी / एसपी के सामने जमा कर देंगी। वह प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से पीडित पक्ष को दृढ़ या प्रलोभन नहीं लेगी।
कोर्ट ने कहा है कि शर्त उल्लंघन की दशा में इस कोर्ट में अंतरिम जमानत के खिलाफ अर्जी दी जा सकती है। कोर्ट ने अर्जी पर राज्य सरकार से चार सप्ताह में जानकारी मांगी है।
कोर्ट ने विष्णु को यह कहते हुए जमानत देने से इंकार कर दिया है कि वह विवेचना में सहयोग नहीं कर रहे हैं। उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया गया है। इसके विरुद्ध पुनरीक्षण अर्जी खारिज कर दिया गया है। सारा व्यवसाय याची देख रहा है। एफआईआर दर्ज होने के बाद के बाद से पैसे निकाले हैं। पीडित पक्ष ने धमकी देने की शिकायत भी की है। ऐसे मेशन जफर नहीं हो सकते।
ज्ञात है कि गोपीगंज थाना क्षेत्र के धनापुर दक्षिणी गांव निवासी और विधायक विजय मिश्रा के रिश्तेदार कृृृष्ण मोहन तिवारी उर्फ मुुुन्ना तिवारी ने मकान कब्जा करने और संपत्ति बेेेटे के नाम वसीयत कराने के प्रयास करने का मुकदमा चार अगस्त को गोपीगंंज थाने में विधाायक, उनकी पत्नी रामलली मिश्रा और बेटे विष्णु मिश्रा के खिलाफ दर्ज कराया था। फिलहाल विधायक आगरा जेल में बंद हैं।