फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Mirabai medieval female consciousness Prbapunj

मध्यकाल में मीराबाई नारी चेतना का प्रभापुंज

Fri, 30 Oct 2015 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Fri, 30 Oct 2015 01:26 AM IST
विज्ञापन
Mirabai medieval female consciousness Prbapunj
इलाहाबाद (ब्यूरो)। हिंदुस्तानी एकेडमी में बृहस्पतिवार को ‘मध्ययुगीन हिंदी में स्त्री चेतना’ विषय पर संगोष्ठी आयोजित की गई। जिसमें महिला रचनाकारों ने मध्यकाल में मीरा को विशेष संदर्भ में जोड़ते हुए अपनी बात रखी। डॉ. कुसुम सिंह ने कहा कि मध्ययुगीन हिन्दी कविता हमारे साहित्य के इतिहास का स्वर्ण युग है। भक्ति, प्रेम, धर्म, दर्शन एवं आध्यात्म की गौरवशाली परंपरा है। मीराबाई ने स्त्री समाज के लिए गढ़े गए ढांचे को ढाहने को जो साहस उन्होंने किया वह उनके स्वतंत्र चेता भाव बौद्धिक क्षमता और अस्मिता बोध का परिचायक है।
विज्ञापन


रत्नाकुमारी ने कहा कि मध्यकालीन काव्य में मीराबाई नारी चेतना का प्रभापुंज हैं, जिनके प्रकाश में नारी के संघर्ष को समझा जा सकता है। मीराबाई  का काव्य एवं जीवन मध्यकालीन कवियों की मानसिकता सशक्त प्रतिरोध उपस्थित करता है। नारी जीवन का नया पथ खोलता है। डॉ. सरोज सिंह ब्राह्मण, सामंत और शास्त्र मध्ययुगीन तंत्र हैं। स्त्री का लिखना स्वयं में पितृसत्ता का निषेध कहा जा सकता है। प्रो. पुष्पा बरनवाल ने मध्यकाल में नारी भावना और प्रो. सपना चौधरी ने संत काव्य में नारी चेतना विषय पर विचार व्यक्त किए।
विज्ञापन


एकेडमी कोषाध्यक्ष रविनंदन सिंह ने कहा कि स्त्री विमर्श स्त्री का स्त्री के द्वारा स्त्री के लिए किया गया विमर्श है। संगोष्ठी का संचालन एकेडमी की प्रकाशन अधिकारी ज्योतिर्मयी ने किया। इस मौके पर प्रो. अमर सिंह, हरिमोहन मालवीय, डॉ. अनुपम आनंद, नंदल हितैषी, विवेक सत्यांशु, प्रदीप तिवारी, डॉ. अनिल सिंह, फाजिल हाशमी, डॉ. वीरेंद्र कुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed