UPPSC : यूपीपीएससी से जाने के बाद फंसीं लोअर की भर्तियां, इंतजार में ओवरएज रहे अभ्यर्थी
लोअर पीसीएस की भर्तियां पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) कराता था, लेकिन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के गठन के बाद लोअर पीसीएस के पदों पर भर्तियों की जिम्मेदारी यूपीएसएसएससी को सौंप दी गई।
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लोअर पीसीएस की भर्तियां पहले उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) कराता था, लेकिन उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के गठन के बाद लोअर पीसीएस के पदों पर भर्तियों की जिम्मेदारी यूपीएसएसएससी को सौंप दी गई। हालांकि, इस परिवर्तन के बाद से लोअर पीसीएस के विभिन्न पदों की भर्तियां फंसी हुईं हैं और प्रतियोगी छात्र भर्तियों के इंतजार में ओवरएज हो रहें हैं।
लोअर पीसीएस के माध्यम से आपूर्ति निरीक्षक, मंडी निरीक्षक, आबकारी निरीक्षक, ऑडिटर, ऑडिटर कोऑपरेटिव, सांख्यकीय अधिकारी, मनोरंजन कर अधिकारी, एडीओ पंचायत, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद, गन्ना निरीक्षक, सांख्यकीय अधिकारी समेत दर्जनों महत्वपूर्ण पदों पर भर्तियां होती हैं।
लोअर पीसीएस के पदों पर भर्ती की जिम्मेदारी यूपीएसएसएससी को वर्ष 2017 में सौंपी गई थी। पहले इन पदों पर भर्तियाें की जिम्मेदार उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग के पास थी। पांच वर्षों में यूपीएसएसएससी केवल एक भर्ती पूरी करा सका है। वहीं, जब यूपीपीएससी के पास यह जिम्मेदारी थी तो हर साल लोअर पीसीएस के किसी न किसी पद पद पर भर्ती के लिए विज्ञापन जारी होता था।
प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि नई भर्ती के इंतजार हर साल बड़ी संख्या में प्रतियोगी ओवरएज हो रहे हैं और इसके साथ ही उनके लिए भविष्य के रास्ते बंद होते जा रहे हैं। इससे प्रतियोगी छात्र हताश हैं। वैसे भी यूपीएसएसएससी ने अब तक जो भी भर्ती परीक्षाएं कराईं हैं, उनमें से ज्यादातर विवादित रहीं हैं।
प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को लोअर पीसीएस के पदों पर भर्ती की जिम्मेदारी फिर से सौंप दी जाए, ताकि भर्तियां नियमित अंतराल में होती रहीं। साथ ही यह मांग भी की है कि जो अभ्यर्थी भर्तियों के इंतजार में ओवरएज हो गए हैं, उन्हें अतिरिक्त अवसर प्रदान किए जाएं।
दूसरे की जगह टाइपिंग टेस्ट देने आए सात युवक पकड़े गए
पिपरी के रहीमाबाद स्थित शंभू नाथ इंजीनियरिंग कॉलेज में आयोजित सिविल कोर्ट भर्ती परीक्षा में टाइपिंग टेस्ट के दौरान सात मुन्ना भाई पकड़े गए। ये सभी दूसरे की जगह परीक्षा देने आए थे। फोटो और पहचान पत्र नहीं मिलान होने पर इन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। मामले में परीक्षा नियंत्रक की तहरीर पर सभी के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
रहीमाबाद स्थित शंभू नाथ इंजीनियरिंग कॉलेज को सिविल कोर्ट भर्ती परीक्षा (टाइपिंग टेस्ट के लिए) केंद्र बनाया गया है। परीक्षा नियंत्रक अभिषेक कुमार पांडेय ने बताया कि 25 मार्च को दो पालियों में आयोजित टाइपिंग टेस्ट में फतेहपुर जनपद के बिंदकी, मोहीउद्दीनपुर निवासी पुष्पेंद्र कुमार सिंह, प्रयागराज के मेंहदौरी निवासी अजय कुमार पटेल, शाहगंज, गढ़ी कला मोहल्ला निवासी सूरज कुमार सोनकर, दरियाबाद, अतरसुइया निवासी चंदन कुमार सोनकर, मिर्जापुर, महुरिया-पांडेयपुर निवासी पंकज कुमार सोनकर, बिजनौर जिले के अफजलगढ़ धामपुर के बेगम सराय निवासी अमित कुमार और चंदौली जनपद के जगदीशपुर कंडवा, अदासर निवासी दीपक कुमार शर्मा समेत 7 युवक दूसरे अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने के लिए आए थे।