Lok Sabha Chunav : पीडीए मोर्चा इलाहाबाद-फूलपुर सीट पर भी बिगाड़ेगा समीकरण, पल्लवी पटेल उतर सकती हैं मैदान में
इस मोर्चे का सबसे ज्यादा असर फूलपुर लोकसभा सीट पर पड़ेगा, जहां से खुद पल्लवी पटेल के चुनावी मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है। इसी सीट पर अपना दल एस भी चुनाव लड़ना चाहती है। ऐसे में फूलपुर की सीट पर अपना दल के दोनों धड़ों में सीधी लड़ाई होगी।
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लखनऊ में रविवार को राजनीतिक गलियारे में एक और गठबंधन का एलान हुआ, जिसका असर प्रयागराज की दोनों संसदीय सीट पर पड़ना तय है। अपना दल कमेरावादी ने एआईएमआईएम के साथ मिलकर नया मोर्चा बनाया है, जो 35 संसदीय सीटों पर चुनाव लड़ेगा। माना जा रहा है कि इसमें इलाहाबाद, फूलपुर, कौशाम्बी, भदोही और मिर्जापुर की भी सीट शामिल है।
इस मोर्चे का सबसे ज्यादा असर फूलपुर लोकसभा सीट पर पड़ेगा, जहां से खुद पल्लवी पटेल के चुनावी मैदान में उतरने की संभावना जताई जा रही है। इसी सीट पर अपना दल एस भी चुनाव लड़ना चाहती है। ऐसे में फूलपुर की सीट पर अपना दल के दोनों धड़ों में सीधी लड़ाई होगी। हालांकि अनुप्रिया पटेल मिर्जापुर से चुनाव लड़ेंगी। सूत्रों की मानें तो पार्टी मिर्जापुर से अपना दल कमेरावादी कृष्णा पटेल को अनुप्रिया पटेल के सामने उतारना चाहती है। लेकिन कृष्णा पटेल बेटी के सामने चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं हैं।
फूलुपर लोकसभा सीट पर पल्लवी पटेल की निगाह लंबे समय से टिकी हुई है। पल्लवी ने इस सीट पर चुनाव लड़ने के लिए ही इंडी गठबंधन से बातचीत भी की थी लेकिन वार्ता विफल रही और उन्होंने तीसरे मोर्चे की इबारत लिख डाली। फूलपुर में करीब पौने चार लाख के आसपास कुर्मी मतदाता हैं। दलित वोटर भी करीब साढ़े तीन से चार लाख के बीच हैं।
इसके साथ ही मुस्लिम मतदाताओं की संख्या पौने तीन लाख के आसपास है। ऐसे में कुर्मी, दलित और मुस्लिम मतदाताओं पर पीडीएम (पिछड़ा, दलित और मुसलमान) की निगाहें टिकी हुई हैं। इन्हीं मतदाताओं को ध्यान में रखते हुए सपा-कांग्रेस गठबंधन भी अपना उम्मदीवार खोज रही है। भारतीय जनता पार्टी भी इस सीट को किसी भी कीमत पर गंवाना नहीं चाहती है। इसी कारण अबतक यहां पर प्रत्याशी का चयन नहीं किया गया है।
पार्टी के अंदरुनी सूत्र बताते हैं कि इलाहाबाद लोकसभा सीट पर बाबूराम कुशवाहा के उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर सकते हैं और कौशाम्बी की सुरक्षित सीट पर कृष्णा पटेल को उम्मीदवार बनाया जा सकता है। वहीं मानव समाज पार्टी के प्रेमचंद बिंद को भदोही से प्रत्याशी बनाए जाने की संभावना है। इलाहाबाद लोकसभा सीट पर यमुनापार में कुर्मी व ब्राह्मण मतदाताओं की संख्या देखते हुए पल्लवी पटेल यहां मजबूती से चुनाव लड़ना चाहती हैं, ताकि उसका लाभ आने वाले विधानसभा चुनाव में भी उन्हें मिले और पार्टी का यमुनापार में संगठन तैयार हो।