चप्पे-चप्पे पर तीसरी आंख की नजर, 24 घंटे 300 कर्मचारी करेंगे 1100 सीसीटीवी कैमरों से निगहबानी
कुंभ मेले के दौरान तीसरी आंख से निगरानी शुरू हो गई है। देश के पहले अत्याधुनिक इंट्रीगेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर इसकी धुरी बना है। इसके लिए शहर और मेला क्षेत्र में 1100 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर नजर रखने के लिए हाईस्पीड कंप्यूटरों पर 24 घंटे तीन शिफ्ट में 300 कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
इंट्रीगेटेड कंट्रोल कमांड सेंटर (आईसीसीसी) के तीन केंद्र बनाए गए हैं। डाटा सेंटर नगर निगम में होगा। दूसरा पुलिस लाइन तो तीसरा मेला प्राधिकरण भवन के ऊपरी तल पर बनाया गया है। 20 बड़ी स्क्रीन से जुड़े कैमरे स्क्रीनिंग का काम भी करेंगे। भीड़ नियंत्रण के साथ संदिग्धों की पहचान के लिए यहां अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं।
कमांड सेंटर के कमांड के लिए यूपी पुलिस के तकनीकी रूप से दक्ष अफसरों की टीम भी लगाई गई है। फिलहाल अभी कार्यदायी संस्था एलएंडटी के टेक्नोक्रेट्स काम कर रहे हैं। कुंभ मेला के बाद कमांड सेंटर स्मार्ट सिटी कंपनी और पुलिस की संयुक्त निगरानी में काम करेगा।
हाईटेक कैमरों से कोहरा, अंधेरा बेअसर
आईसीसीसी से जुड़े हाईटेक कैमरों पर कोहरा और अंधेरा बेअसर रहेगा। बारिश हो या आंधी, किसी भी स्थिति में निगरानी का काम बाधित नहीं होगा।
यातायात और भीड़ नियंत्रण भी
कमांड सेंटर से शहर और मेला क्षेत्र में यातायात के साथ भीड़ नियंत्रण भी किया जाएगा। अभी मेले की भीड़ को नियंत्रित करने का काम किया जा रहा है। वहीं शहर के उन चौराहों पर ट्रैफिक डाइवर्जन लागू कर दिया जाएगा, जहां भीड़ का दबाव बढ़ेगा। सिग्नल भी भीड़ के दबाव के हिसाब से लाल, हरी और पीली बत्ती जलाएंगे। साफ है कि भीड़ बढ़ी तो बाएं तरफ से वाहनों को दूसरी तरफ मोड़ दिया जाएगा। उससे पहले वाले चौराहे पर वाहनों को सिग्नल के जरिए रोका जाएगा।
कूड़ा गाड़ियों का जीपीएस नियंत्रण
भीड़ और यातायात प्रबंधन के साथ कमांड सेंटर से नगर निगम की सभी कूड़ा गाड़ियों की लोकेशन ली जाएगी। जीपीएस से लैस सभी गाड़ियों को लोकेशन निगम के अफसरों को मिलेगी। साथ ही किस गाड़ी ने कितने फेरे लगाए, इसकी भी कंप्यूटाराइज्ड रिपोर्ट मुख्यालय को हर एक घंटे पर मिलेगी।
स्मार्ट सिटी कंपनी प्रयागराज के एसीईओ ऋतु सुहास ने बताया कि, आईसीसीसी से सुरक्षा के साथ शहर की बिजली-पानी. कूड़ा निस्तारण जैसी व्यवस्था की निगरानी का भी काम किया जाएगा। भविष्य में स्मार्ट सिटी योजना से जुड़ी सभी सुविधाओं की निगरानी, संचालन इसी से किया जाएगा।