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केपी ट्रस्ट में खींचतान: केपी ट्रस्ट अध्यक्ष ने नियमों में बदलाव के लिए बुलाई बैठक, दूसरे खेमे ने किया विरोध
Sat, 14 Sep 2024 02:37 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 14 Sep 2024 02:37 PM IST
सार
डॉ. सुशील सिन्हा ने अपील जारी कर कहा कि एक जनवरी को कार्यभार संभालने के समय ट्रस्ट की माली हालत बेहद खराब थी। पद संभालते ही जीएसटी का छापा डलवाया गया। सारे वित्तीय रिकॉर्ड सीज कर दिए गए। केपी कॉलेज में बिजली का बिल बकाया होने से कनेक्शन कट गया।
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डॉ. सुशील कुमार सिन्हा, अध्यक्ष केपी ट्रस्ट।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. सुशील सिन्हा ने भी ट्रस्ट में अपने विरोधियों के खिलाफ कमर कस ली है। उन्होंने ट्रस्ट के नियमों में संशोधन के लिए गवर्निंग काउंसिल की बैठक रविवार दोपहर साढ़े तीन बजे केपी कॉलेज में बैठक बुलाई है। इसमें कायस्थ समाज के लोगों को 100 रुपये में ट्रस्ट की सदस्यता देने, डायग्नोस्टिक सेंटर, ब्लड बैंक और अस्पताल से जुड़े मामलों पर निर्णय होना है। अस्पताल और जांच केंद्रों में समाज के लोगों को 25-30 फीसदी की छूट मिलेगी।
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उन्होंने अपील जारी कर कहा कि एक जनवरी को कार्यभार संभालने के समय ट्रस्ट की माली हालत बेहद खराब थी। पद संभालते ही जीएसटी का छापा डलवाया गया। सारे वित्तीय रिकॉर्ड सीज कर दिए गए। केपी कॉलेज में बिजली का बिल बकाया होने से कनेक्शन कट गया। नगर निगम ने जल व गृहकर नहीं जमा करने पर 50 करोड़ की मांग के साथ कई भवनों को सीज कर दिया। इतनी विपरीत परिस्थितियों के बावजूद ट्रस्ट तमाम विकास कार्यों को आगे बढ़ा रहा है। उन्होंने इसमें मजबूती देने की अपील की है।
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अविश्वास लेकर पहुंचे ट्रस्टी को बंद मिला केपी ट्रस्ट का मुख्यालय
केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डाॅ. सुशील सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर तमाम ट्रस्टी शुक्रवार को ट्रस्ट मुख्यालय पहुंचे तो वहां उन्हें ताला बंद मिला। इसे लेकर ट्रस्टियों ने नाराजगी जताई। मांग की गई कि गवर्निंग बॉडी बैठक जल्द से जल्द बुलाई जाए।
दरअसल, बुधवार 11 सितंबर को ही प्रेसवार्ता कर केपी ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी कुमार नारायण ने अध्यक्ष डाॅ. सिन्हा पर तमाम आरोप लगाए। तब उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। आरोप लगाया कि आठ माह के कार्यकाल में ही उन्होंने ट्रस्ट को रसातल में पहुंचा दिया। कुमार नारायण के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए ट्रस्ट के नियमानुसार पांच सौ ट्रस्टियों का हस्ताक्षर जरूरी है।
उधर, शुक्रवार को तमाम ट्रस्टी दोपहर तीन बजे के आसपास कमला नेहरू रोड स्थित कायस्थ पाठशाला मुख्यालय पहुंचे। कुमार नारायण का दावा है कि अविश्वास प्रस्ताव जिसमे 720 न्यासीगण के हस्ताक्षर है वह उनके पास है। इसमें पूर्व अध्यक्ष टीपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह, चौधरी कौशलेंद्र नाथ सिंह आदि ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
कहा कि जब कायस्थ पाठशाला कार्यालय पहुंचे तो वहां मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था। वहां पूछने पर बताया गया दो दिन पूर्व कायस्थ पाठशाला के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य के निधन के कारण वह बंद है। इसके बाद ट्रस्टियों ने हस्ताक्षर वाले अविश्वास प्रस्ताव की एक प्रतिलिपि रजिस्टार सोसायटी के यहां एवं एक प्रतिलिपि स्पीड पोस्ट द्वारा महामंत्री कायस्थ पाठशाला को भेज दी।
केपी ट्रस्ट के अध्यक्ष डाॅ. सुशील सिन्हा के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर तमाम ट्रस्टी शुक्रवार को ट्रस्ट मुख्यालय पहुंचे तो वहां उन्हें ताला बंद मिला। इसे लेकर ट्रस्टियों ने नाराजगी जताई। मांग की गई कि गवर्निंग बॉडी बैठक जल्द से जल्द बुलाई जाए।
दरअसल, बुधवार 11 सितंबर को ही प्रेसवार्ता कर केपी ट्रस्ट के पूर्व पदाधिकारी कुमार नारायण ने अध्यक्ष डाॅ. सिन्हा पर तमाम आरोप लगाए। तब उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया जाएगा। आरोप लगाया कि आठ माह के कार्यकाल में ही उन्होंने ट्रस्ट को रसातल में पहुंचा दिया। कुमार नारायण के अनुसार अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए ट्रस्ट के नियमानुसार पांच सौ ट्रस्टियों का हस्ताक्षर जरूरी है।
उधर, शुक्रवार को तमाम ट्रस्टी दोपहर तीन बजे के आसपास कमला नेहरू रोड स्थित कायस्थ पाठशाला मुख्यालय पहुंचे। कुमार नारायण का दावा है कि अविश्वास प्रस्ताव जिसमे 720 न्यासीगण के हस्ताक्षर है वह उनके पास है। इसमें पूर्व अध्यक्ष टीपी सिंह, पूर्व अध्यक्ष चौधरी राघवेंद्र नाथ सिंह, चौधरी कौशलेंद्र नाथ सिंह आदि ने भी हस्ताक्षर किए हैं।
कहा कि जब कायस्थ पाठशाला कार्यालय पहुंचे तो वहां मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था। वहां पूछने पर बताया गया दो दिन पूर्व कायस्थ पाठशाला के पूर्व कार्यकारिणी सदस्य के निधन के कारण वह बंद है। इसके बाद ट्रस्टियों ने हस्ताक्षर वाले अविश्वास प्रस्ताव की एक प्रतिलिपि रजिस्टार सोसायटी के यहां एवं एक प्रतिलिपि स्पीड पोस्ट द्वारा महामंत्री कायस्थ पाठशाला को भेज दी।