इसरो : मिशन आदित्य-एल वन में भी प्रयागराज के चार होनहार, सूर्य के रहस्यों का अध्ययन करने वाली टीम में शामिल
इंडियन बैंक से सेवानिवृत्त नेहा के पिता संजय अग्रवाल और उनकी शिक्षिका मां वंदना बेटी की दोहरी सफलता से गदगद हैं। मिशन आदित्य में बेटी के शामिल होने के बाद उनके कृष्ण पुष्प पैलेस स्थित फ्लैट में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
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चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के बाद आदित्य एल वन के प्रक्षेपण में शहर और आसपास के तीन युवा वैज्ञानिक अपनी अहम भूमिका निभाएंगे। ये वैज्ञानिक सूर्य के रहस्यों का अध्ययन करने वाली टीम में शामिल हैं। मिशन आदित्य को अगस्त के अंत या सितंबर के प्रथम सप्ताह में भेजने की तैयारी है। आदित्य एल -वन में शामिल तीन युवा वैज्ञानिकों में सिविल लाइंस की नेहा अग्रवाल भी शामिल हैं।
इंडियन बैंक से सेवानिवृत्त नेहा के पिता संजय अग्रवाल और उनकी शिक्षिका मां वंदना बेटी की दोहरी सफलता से गदगद हैं। मिशन आदित्य में बेटी के शामिल होने के बाद उनके कृष्ण पुष्प पैलेस स्थित फ्लैट में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है। नेहा मोतीलाल नेहरू राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान एमएनएनआइटी से 2017 में इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्यूनिकेशन में बीटेक करने के बाद इसरो की चंद्रयान परियोजना से जुड़ गईं। अब वह मिशन आदित्य एल-1 से जुड़कर सूर्य के वातावरण और उसकी जटिल प्रक्रियाओं का गहन अध्ययन करेंगी।
परिवार के लोग हैं गदगद, मिशन के सफल होने की कर रहे कामना
आदित्य मिशन के जरिए कोरोनल मास इजेक्शन, अनियमित रूप से बनने वाली सौर ज्वालाएं, सतह वायुमंडल और दोनों की आपस में अंतरक्रियाओं समझा जाएगा। इसी तरह चंद्रयान- 3 मिशन में शामिल जार्जटाउन निवासी कृपाशंकर पांडेय के पुत्र अर्पित पांडेय भी मिशन आदित्य-एल वन में शामिल किए गए हैं। इसे लेकर उनके परिवार में उत्साह का माहौल है। परिवार के सदस्यों के साथ ही पड़ोसी और रिश्तेदार उनके दूसरे मिशन की कामयाबी के लिए दुआएं कर रहें।
रवि केसरवानी भी हैं आदित्य एल वन का हिस्सा
प्रतापगढ़ की कुंडा तहसील निवासी रवि केसरवानी भी आदित्य एल-1 के लिए समर्पित टीम का भी हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि सूर्य के अध्ययन के लिए एक उपकरण सोलर अल्ट्रावॉयलेट इमेजिंग टेलीस्कोप (सूट) भी बनाया गया है। इसका निर्माण करने वाली टीम में वह भी है।
इसरो में साइंटिफिक टेक्निकल अफसर ग्रुप सी पद पर तैनात रवि इन दिनों पूना स्थित इंटर यूनिवर्सिटी सेंटर फॉर एस्ट्रोनॉमी एंड एस्ट्रोफिजिक्स (आयूसीएए) में सूट पर ही काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यह उपकरण सूर्य की अल्ट्रावॉयलेट रेज (पराबैंगनी किरणों) का अध्ययन करेगा।
दिशी कटियार अब मिशन आदित्य की करेंगी ट्रैकिंग
चंद्रयान-3 को सफलता पूर्वक चांद के दक्षिणी ध्रुव पर उतारने वाली ट्रैकिंग टीम में शामिल रहीं दिशी कटियार भी मिशन आदित्य एल-वन को ट्रैक करने वाली टीम में शामिल हैं। वह इसरो के कंट्रोल एवं कमांड सिस्टम में साइंटिस्ट सी के तौर पर इस मिशन में अपना योगदान दे रही हैं। रेल अफसर पिता इंद्रजीत कटियार और शिक्षिका मां विनीता कटियार बेटी की सफलता पर गदगद हैं।