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संस्कृत प्रवक्ता चयन में उत्तर सही करने का निर्देश
Sat, 29 Aug 2020 08:02 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 29 Aug 2020 08:02 PM IST
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jammu court
- फोटो : सोशल मीडिया
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने संस्कृत प्रवक्ता चयन परीक्षा के विवादित प्रश्न के उत्तर को सुधारने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड से 10 सितंबर के पहले इस प्रश्न के उत्तर को सुधारकर नई उत्तरकुंजी जारी करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति पंकज भाटिया ने प्रवीण कुमार तिवारी व 11अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
प्रवक्ता संस्कृत भर्ती 2016 में एक प्रश्न के उत्तर पर अभ्यर्थियों को आपत्ति है। प्रश्न था ‘ग्रामं गच्छस्तृणं स्पृशति’ में ‘तृणं’ पद में द्वितीया विभक्ति किस सूत्र से होती है। चयन बोर्ड ने इस प्रश्न का उत्तर माना है, तथायुक्तं चानिप्सितं’ जबकि अभ्यर्थियों का कहना है कि इस प्रश्न का उत्तर ‘कर्मणि द्वितीया’ होगा।
हालांकि यही प्रश्न प्रवक्ता परीक्षा 2013 में भी आया था जिसमें चयन बोर्ड ने सुधार करते हुए इसका उत्तर ‘कर्मणि द्वितीया’ ही सही किया था। वही गलती दोहराने पर यह याचिका दाखिल की गई थी। याचियों की ओर से अधिवक्ता हौसला प्रसाद मिश्र ने बहस की। याचियों ने 14 नवम्बर 2019 को प्रत्यावेदन देकर आपत्ति की लेकिन सुधार नहीं किया गया। कोर्ट ने बोर्ड को 10 सितंबर तक ऑफिशियल वेबसाइट पर सही उत्तर अपलोड करने का निर्देश दिया है।
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प्रवक्ता संस्कृत भर्ती 2016 में एक प्रश्न के उत्तर पर अभ्यर्थियों को आपत्ति है। प्रश्न था ‘ग्रामं गच्छस्तृणं स्पृशति’ में ‘तृणं’ पद में द्वितीया विभक्ति किस सूत्र से होती है। चयन बोर्ड ने इस प्रश्न का उत्तर माना है, तथायुक्तं चानिप्सितं’ जबकि अभ्यर्थियों का कहना है कि इस प्रश्न का उत्तर ‘कर्मणि द्वितीया’ होगा।
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हालांकि यही प्रश्न प्रवक्ता परीक्षा 2013 में भी आया था जिसमें चयन बोर्ड ने सुधार करते हुए इसका उत्तर ‘कर्मणि द्वितीया’ ही सही किया था। वही गलती दोहराने पर यह याचिका दाखिल की गई थी। याचियों की ओर से अधिवक्ता हौसला प्रसाद मिश्र ने बहस की। याचियों ने 14 नवम्बर 2019 को प्रत्यावेदन देकर आपत्ति की लेकिन सुधार नहीं किया गया। कोर्ट ने बोर्ड को 10 सितंबर तक ऑफिशियल वेबसाइट पर सही उत्तर अपलोड करने का निर्देश दिया है।
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