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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court Summons order issued against former SP MLA Amar Pal Sharma cancelled

High Court : सपा के पूर्व विधायक अमर पाल शर्मा के खिलाफ जारी समन आदेश रद्द

Thu, 05 Feb 2026 03:04 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Thu, 05 Feb 2026 03:04 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना अनुमति चुनावी सभा करने के मामले में सपा के पूर्व विधायक अमर पाल शर्मा के खिलाफ आचार संहिता मामले में जारी समन आदेश रद्द कर दिया है।

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विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बिना अनुमति चुनावी सभा करने के मामले में सपा के पूर्व विधायक अमर पाल शर्मा के खिलाफ आचार संहिता मामले में जारी समन आदेश रद्द कर दिया है। कोर्ट ने न्यायिक मजिस्ट्रेट को 45 दिन में नए सिरे से कानून सम्मत आदेश पारित करने का आदेश दिया है।

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यह आदेश न्यायमूर्ति समित गोपाल की एकल पीठ ने सपा नेता अमर पाल शर्मा की ओर से बागपत के न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से 20 जुलाई 2024 को जारी समन आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया है। मामला बागपत के थाना क्षेत्र सिंघावली अहीर का है। 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान बिना अनुमति टेड़ा गांव ने चुनावी सभा करने के आरोप में अमर पाल समेत 100 अज्ञात के खिलाफ आचार संहिता उल्लंघन का मुकदमा दर्ज किया गया था।
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विवेचना के बाद पुलिस ने छह जून 2024 को 10 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। मामले में बागपत के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने 20 जुलाई 2024 को संज्ञान लेते हुए समन जारी किया था। इसके खिलाफ दाखिल याचिका में दलील दी गई कि जिस लोकसेवक के आदेश का उल्लंघन हुआ हो, उसकी लिखित शिकायत के आधार पर ही अदालत संज्ञान ले सकती है।

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पुलिस की ओर से दाखिल आरोप पत्र पर संज्ञान लेना कानूनन वर्जित है। यह एक गैर-संज्ञेय अपराध है, जिसकी कानूनी प्रक्रिया सामान्य अपराधों से भिन्न होती है। वहीं, राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व अपर शासकीय अधिवक्ता विकास सहाय ने याचिका का विरोध किया। कहा, कानूनी स्थिति स्पष्ट है पर ट्रायल कोर्ट पुलिस के आरोप पत्र को परिवाद मानकर आगे की कार्यवाही कर सकता है।

हालांकि, कोर्ट ने याची के तर्कों को स्वीकार कर माना कि न्यायिक मजिस्ट्रेट का सीधे चार्जशीट पर संज्ञान लेना प्रक्रियात्मक रूप से गलत था। लिहाजा, कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट की ओर से जारी समन आदेश रद्द कर दिया। 

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