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हाईकोर्ट : गैंगस्टर एक्ट के आठ मजदूरों की सजा निलंबित, जमानत अर्जी भी मंजूर
Sun, 25 Oct 2026 06:45 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sun, 25 Oct 2026 06:45 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीलीभीत के आठ मजदूरों को गैंगस्टर एक्ट के तहत सुनाई गई तीन साल की सजा निलंबित कर दी है। साथ ही कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर करते हुए ट्रायल कोर्ट से मूल पत्रावली तलब की है।
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कोर्ट का आदेश।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पीलीभीत के आठ मजदूरों को गैंगस्टर एक्ट के तहत सुनाई गई तीन साल की सजा निलंबित कर दी है। साथ ही कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर करते हुए ट्रायल कोर्ट से मूल पत्रावली तलब की है। यह आदेश न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी की एकल पीठ ने अफरोज आलम और सात अन्य की आपराधिक अपील संग दाखिल जमानत अर्जी पर सुनवाई करते हुए दिया।
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मामला पीलीभीत के हजारा थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने अफरोज आलम, प्रहलाद, परितोष, राम भरोसे, मंजूर अली, पिंटू, राम कुमार और रॉबिन महाजन के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। पीलीभीत की सत्र अदालत ने सभी को दोषी करार देते हुए तीन-तीन साल की सजा सुनाई थी। इस फैसले के खिलाफ सभी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
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अपीलकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने दलील दी कि मजदूरों ने हत्या के एक मामले में पुलिस के खिलाफ सड़क जाम की थी। इस मामले में तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था। इससे खफा पुलिसकर्मियों ने सभी को गैंगस्टर एक्ट के तहत झूठा फंसाया है। कोर्ट ने अपील को सुनवाई के लिए स्वीकार कर लिया। साथ ही सजा भी निलंबित कर दी।
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