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हाईकोर्ट : पीडब्ल्यूडी व पंचायतराज में संविदा पर तैनात जूनियर अभियंताओं को समान कार्य के लिए समान वेतन की मांग ठुकराई
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पीडब्ल्यूडी व पंचायती राज में संविदा पर तैनात जूनियर अभियंताओं को समान कार्य समान वेतन की मांग ठुकराई
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनरेगा के तहत लोक निर्माण विभाग व पंचायती राज विभाग में समान कार्य समान वेतन की तर्ज पर संविदा पर कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं को स्थायी अभियंताओं के बराबर वेतन देने की मांग अस्वीकार कर दी है। मगर कोर्ट ने कहा कि याचियों को दिए जा रहे प्रतिमाह आठ हजार रुपये मानदेय में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
कोर्ट ने प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास विभाग यूपी को मानदेय बढ़ाने पर विचार करने के लिए नई कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा कि कमेटी छह हफ्ते में निर्णय ले और आठ हफ्ते में कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें। कमेटी की रिपोर्ट पर कोर्ट 27 मई को विचार करेगी। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को उस समय कोर्ट में हाजिर रहने का भी निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने सोनभद्र के विमल तिवारी और 14 अन्य सहित दो अन्य याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए दिया है। याचियों की नियुक्ति मनरेगा के अंतर्गत संविदा पर कनिष्ठ अभियंता और तकनीकी सहायक पद पर की गई। पहले प्रतिमाह चार हजार मानदेय था जो बढ़कर आठ हजार रुपये हो गया है।
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प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मनरेगा के तहत लोक निर्माण विभाग व पंचायती राज विभाग में समान कार्य समान वेतन की तर्ज पर संविदा पर कार्यरत कनिष्ठ अभियंताओं को स्थायी अभियंताओं के बराबर वेतन देने की मांग अस्वीकार कर दी है। मगर कोर्ट ने कहा कि याचियों को दिए जा रहे प्रतिमाह आठ हजार रुपये मानदेय में बढ़ोतरी की जानी चाहिए।
कोर्ट ने प्रमुख सचिव ग्रामीण विकास विभाग यूपी को मानदेय बढ़ाने पर विचार करने के लिए नई कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। साथ ही कहा कि कमेटी छह हफ्ते में निर्णय ले और आठ हफ्ते में कोर्ट में रिपोर्ट पेश करें। कमेटी की रिपोर्ट पर कोर्ट 27 मई को विचार करेगी। कोर्ट ने प्रमुख सचिव को उस समय कोर्ट में हाजिर रहने का भी निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी ने सोनभद्र के विमल तिवारी और 14 अन्य सहित दो अन्य याचिकाओं की एक साथ सुनवाई करते हुए दिया है। याचियों की नियुक्ति मनरेगा के अंतर्गत संविदा पर कनिष्ठ अभियंता और तकनीकी सहायक पद पर की गई। पहले प्रतिमाह चार हजार मानदेय था जो बढ़कर आठ हजार रुपये हो गया है।
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