फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   High Court: Judgment reserved in Mathura Vrindavan Corridor construction case, both sides presented arguments

Allahabad High Court: मथुरा वृंदावन कॉरिडोर निर्माण मामले में फैसला सुरक्षित, दोनों पक्षों ने पेश की दलीलें

Wed, 08 Nov 2023 05:18 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 08 Nov 2023 05:18 PM IST
सार

यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव ने सुनवाई करते हुए दिया है। इसके पहले सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की। इस मामले की सुनवाई कई दिनों से लगातार चल रही है। 

विज्ञापन
High Court: Judgment reserved in Mathura Vrindavan Corridor construction case, both sides presented arguments
श्री बांके बिहारी मंदिर मथुरा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट में बुधवार को मथुरा, वृंदावन कॉरिडोर मामले में सुनवाई जारी रही। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने फैसला सुरक्षित कर लिया है। यह आदेश मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति आशुतोष श्रीवास्तव ने सुनवाई करते हुए दिया है। इसके पहले सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने अपनी-अपनी दलीलें कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत की। इस मामले की सुनवाई कई दिनों से लगातार चल रही है। 

विज्ञापन
Trending Videos

बता दें कि तीर्थनगरी मथुरा के वृंदावन में कॉरिडोर बनाने के मामले की सुनवाई मंगलवार को भी इलाहाबाद हाईकोर्ट में हुई थी। सुनवाई के दौरान सेवायतों ने सरकार के सामने एक शर्त रख दी। हालांकि सरकार की तरफ से भी इस शर्त का तत्काल जवाब दिया गया। इससे सरकार के विजन पर संशय की स्थिति नहीं रह गई है। 

वृंदावन में कॉरिडोर बनाए जाने का स्थानीय सेवायत शुरू से ही विरोध कर रहे हैं। मंगलवार को मामले की सुनवाई हुई तो उन्हें भी अपना पक्ष रखने का मौका मिला। सेवायतों ने कहा कि सरकार हमें जमीन दे दे, हम मंदिर बना लेंगे। इसी नए मंदिर में श्रीबांके बिहारी जी को स्थापित कर लेंगे। 

सेवायतों के इस बयान से कुछ समय के लिए तो लगा कि बात फंसेगी। लेकिन, सरकार का विजन साफ है। सरकार की तरफ से इस पर आपत्ति उठाई गई। साफ शब्दों में कहा गया कि किसी भी हालत में मंदिर को शिफ्ट नहीं किया जा सकता है। यानी सरकार ने इस प्रस्ताव को मना कर दिया। अब अगली सुनवाई में अन्य बिंदुओं के साथ बात आगे बढ़ेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

ज्ञात हो कि वृंदावन में कॉरिडोर बनाने का सेवायत लगातार विरोध कर रहे हैं। कुछ समय पहले उन्होंने बाजार बंद करके प्रदर्शन किया। इसके बाद हाथ में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि कॉरिडोर बन जाने से उनका रोजगार प्रभावित होगा। इससे उनके परिवार को आर्थिक संकट से जूझना पड़ेगा। मामले में हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed