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High Court : हाईकोर्ट ने दिगंबर जैन महाविद्यालय में 22 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति को माना वैध
Sat, 30 May 2026 06:12 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 30 May 2026 06:12 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बागपत के बड़ौत स्थित दिगंबर जैन महाविद्यालय में 22 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया को वैध ठहराते हुए चयनित अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बागपत के बड़ौत स्थित दिगंबर जैन महाविद्यालय में 22 सहायक प्रोफेसरों की नियुक्ति प्रक्रिया को वैध ठहराते हुए चयनित अभ्यर्थियों के पक्ष में फैसला दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति सौरभ श्याम शमशेरी की एकलपीठ ने सुनील कुमार जैन समेत तीन की याचिकाओं पर दिया।
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महाविद्यालय में अगस्त 2023 में 22 रिक्त पदों के लिए विज्ञापन जारी किए गए थे। इसी दौरान 21 अगस्त 2023 को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग अधिनियम, 2023 लागू हो गया। कोर्ट के सामने मुख्य सवाल यह था कि भर्ती प्रक्रिया की शुरुआत विज्ञापन जारी होने की तारीख से मानी जाएगी या नियुक्ति की अनुमति मिलने की तारीख से।
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हाईकोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के तेज प्रकाश पाठक बनाम राजस्थान हाईकोर्ट (2025) फैसले का हवाला देते हुए कहा कि भर्ती प्रक्रिया विज्ञापन जारी होने के साथ शुरू हो जाती है। विज्ञापन आठ और 12 अगस्त 2023 को प्रकाशित हुए थे, इसलिए नई कानून व्यवस्था का इस भर्ती पर असर नहीं पड़ेगा। कोर्ट ने सुनील कुमार जैन की याचिका खारिज कर दी और कहा कि चयनित अभ्यर्थियों को पक्षकार न बनाना बड़ी कमी थी।
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