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कोरोना संक्रमण रोकने के लिए गाइड लाइन पर्याप्त नहीं, जमीन पर होना चाहिए काम: हाईकोर्ट
Tue, 18 Aug 2020 12:51 AM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Tue, 18 Aug 2020 12:51 AM IST
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इलाहाबाद हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना संक्रमण के उच्चतम स्तर की ओर बढ़ने के बावजूद इसकी रोकथाम के उपायों को जमीन पर लाने में नाकामी को देखते हुए हाईकोर्ट ने सख्त टिप्पणी की है। कोर्ट का कहना है कि लगभग पांच माह बीत जाने के बाद भी सरकार अभी समस्या से निपटने का रोडमैप तैयार नहीं कर सकी है।
इसके प्रयास सिर्फ कागजों पर ही दिखाई दे रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि इससे जाहिर है कि रोडमैप और गाइडलाइन जारी करना पर्याप्त नहीं है। जमीनी स्तर पर काम दिखाई पड़ना चाहिए। हाईकोर्ट ने संक्रमण की रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने की अनिवार्यता के नियम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया था।
इन निर्देशों का पालन नहीं होने पर अधिवक्ता श्रीराम कौशिक और प्रियंका ने अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका के साथ कई फोटोग्राफ भी संलग्न किए गए हैं, जिनमें सोशल डिस्टेंसिग और मास्क पहनने के नियमों की धज्जियां उड़ती साफ दिख रही हैं। कोर्ट ने इन तस्वीरों को देखने के बाद कहा है कि जाहिर है कि सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही हैं।
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कोर्ट ने प्रयागराज के डीएम और एसएसपी से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। दोनों अधिकारियों को मंगलवार सुबह दस बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। उनसे लिखित जवाब भी तलब किया है। इसके अलावा अधिवक्ता अपूर्व देव ने एप्लीकेशन दायर कर कहा है कि मास्क पहनना अनिवार्य किया जाए, इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
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इसके प्रयास सिर्फ कागजों पर ही दिखाई दे रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि इससे जाहिर है कि रोडमैप और गाइडलाइन जारी करना पर्याप्त नहीं है। जमीनी स्तर पर काम दिखाई पड़ना चाहिए। हाईकोर्ट ने संक्रमण की रोकथाम के लिए सोशल डिस्टेंसिंग और मास्क पहनने की अनिवार्यता के नियम का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया था।
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इन निर्देशों का पालन नहीं होने पर अधिवक्ता श्रीराम कौशिक और प्रियंका ने अवमानना याचिका दाखिल की है। याचिका के साथ कई फोटोग्राफ भी संलग्न किए गए हैं, जिनमें सोशल डिस्टेंसिग और मास्क पहनने के नियमों की धज्जियां उड़ती साफ दिख रही हैं। कोर्ट ने इन तस्वीरों को देखने के बाद कहा है कि जाहिर है कि सरकार की योजनाएं सिर्फ कागजों पर ही हैं।
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कोर्ट ने प्रयागराज के डीएम और एसएसपी से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। दोनों अधिकारियों को मंगलवार सुबह दस बजे वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। उनसे लिखित जवाब भी तलब किया है। इसके अलावा अधिवक्ता अपूर्व देव ने एप्लीकेशन दायर कर कहा है कि मास्क पहनना अनिवार्य किया जाए, इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।