फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ghaziabad Fire Tragedy: Residents Return to Charred Homes, Stare at Ruined Walls in Indirapuram Society

गाजियाबाद अग्निकांड: बिखरे आशियाने को सहेजने पहुंचे लोग, निहारते रहे दीवारें; आग की चपेट में आए थे 21 फ्लैट

Sat, 02 May 2026 03:16 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: Sharukh Khan Updated Sat, 02 May 2026 03:16 PM IST
सार

10वीं मंजिल पर रहने वाले अनुराग वर्मा भी शुक्रवार को अपना घर देखने पहुंचे। घर का सारा सामान राख हो गया है। अनुराग बताया घटना वाले दिन वह सोसायटी में नहीं थे। पत्नी बच्चों को स्कूल छोड़ने गई थीं। ऐसे में सबकी जान बच गई। वह जब पहुंचे तो पड़ोसी और मित्र भी उनके यहां पहुंचे। 

विज्ञापन
Ghaziabad Fire Tragedy: Residents Return to Charred Homes, Stare at Ruined Walls in Indirapuram Society
इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में भीषण आग के बाद जलकर राख हुआ सामान - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गाजियाबाद के इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी के डी टॉवर में आग की लपटों से काली पड़ी दीवारें, फर्श पर जमी धुएं की परत, जला फर्नीचर और पिघलकर लटके एसी-पंखे, ये कुछ तस्वीरें हैं, जो गौर ग्रीन एवेन्यू सोसायटी में मची तबाही की गवाही दे रही हैं। आग के तांडव ने यहां महीनों वर्षों में संवारे गए आशियानों को चंद घंटों में खंडहर में बदल दिया।
विज्ञापन


हादसे के तीसरे दिन जब प्रभावित लोग जले हुए आशियाने को देखने पहुंचे तो उनके कदम ठिठक गए और नजरें दरों-दीवार पर ठहर गईं। लोग समझ नहीं पा रहे थे कि आग की लपटों से बिखरी गृहस्थी को कहां से समेटना शुरू करें। 
विज्ञापन

 

जैसे ही प्रभावित परिवारों के सोसायटी में लौटने की खबर फैली, पड़ोसी भी दर्द बांटने पहुंच गए। हर किसी के होंठों पर एक ही बात थी कि जो हुआ बुरा हुआ, लेकिन जान बच गई, यही सबसे बड़ी राहत है।

 
विज्ञापन

मेंटेनेंस स्टाफ देवदूत बनकर आया
नौवीं मंजिल के जिस फ्लैट से आग शुरू हुई थी, ठीक उसके सामने रहने वाले अनूप शर्मा ने बताया कि वह दिन उनके परिवार के किसी चमत्कार से कम नहीं रहा। उन्होंने बताया कि उनके पैर में चोट थी, वह ऑफिस के लिए निकले थे और टावर के नीचे तक ही पहुंचे थे कि आग लग गई। 

 
विज्ञापन

पैर में प्लास्टर के कारण वह ऊपर नहीं जा सके, जबकि उनकी पत्नी और मां घर में फंसी हुई थीं। ऐसे में मेंटेनेंस स्टाफ के आलोक देवदूत बनकर आए और दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लाए। उनके घर के तीन कमरे आग की चपेट में आए हैं, पंखे पिघलकर झूल रहे हैं और एसी दीवारों पर जले निशान छोड़ गया है। उनकी पत्नी रुचि कहती हैं कि दो साल पहले ही दिल्ली से यहां आए थे। एक-एक सामान जोड़कर घर बसाया था, सब कुछ राख बन चुका है।
 

अरमान भी जल गए
10वीं मंजिल पर रहने वाले अनुराग वर्मा भी शुक्रवार को अपना घर देखने पहुंचे। घर का सारा सामान राख हो गया है। अनुराग बताया घटना वाले दिन वह सोसायटी में नहीं थे। पत्नी बच्चों को स्कूल छोड़ने गई थीं। ऐसे में सबकी जान बच गई। वह जब पहुंचे तो पड़ोसी और मित्र भी उनके यहां पहुंचे। अनुराग ने कहा कि सब कुछ सामने है। सामान के साथ हमारे अरमान भी जल गए। समझ नहीं आ रहा कहां से शुरू करें, लेकिन जिंदगी फिर से शुरू करनी ही होगी।

 

सहारे से संभल रही जिंदगी
हादसे के बाद जिनके घर उजड़े हैं, वे आसपास ही दोस्तों और रिश्तेदारों के यहां शरण लिए हुए हैं। रुचि बताती हैं कि एक दोस्त ने तुरंत उनके रहने की व्यवस्था कर दी। शुक्रवार को भी वह उनकी मदद के लिए फ्लैट पर पहुंचीं।

21 फ्लैट आग की चपेट में, सात पूरी तरह राख
टावर डी के 16 फ्लैट आग की जद में आए। इनमें से सात पूरी तरह जलकर राख हो गए, जबकि नौ फ्लैटों में लाखों का सामान जल गया। आग की लपटें पास के टावर सी तक पहुंचीं, जहां पांच फ्लैटों की बालकनी को क्षति पहुंची। नुकसान का सही आकलन अभी मुश्किल है, लेकिन निवासियों का मानना है कि यह करोड़ों में है।

 

आगे बढ़ने की कोशिश
11वीं मंजिल पर रहने वाली नीरज बेटी के साथ घर देखने पहुंचीं, लेकिन जला हुआ इंटीरियर देखकर खुद को संभाल नहीं पाई। इतना ही कह सकी कि अब कुछ कहना नहीं है, बस आगे बढ़ने की कोशिश करनी है। स्मिता गुप्ता का 10वीं मंजिल पर फ्लैट है, लेकिन वह चंडीगढ़ में रहती हैं। उनका नुकसान दूसरों की अपेक्षा कम है, लेकिन पड़ोसियों की हालत देखकर वह भी भावुक हो गई। बोलीं कि नुकसान तो भर जाएगा, लेकिन जो टूटा है, उसकी भरपाई कैसे होगी।

बहुमंजिला इमारत में शॉर्ट सर्किट से भीषण आग, सात फ्लैट जले
गाजियाबाद के इंदिरापुरम की गौड़ ग्रीन एवेन्यू सोसायटी के डी टॉवर में बुधवार को भीषण आग लगने से सात फ्लैट जलकर राख हो गए। 9वीं मंजिल पर फ्लैट नंबर 943 से सुबह करीब 8:30 बजे शुरू हुई आग कुछ ही देर में 12वीं मंजिल तक पहुंच गई। ऊपरी मंजिलों में रह रहे लोग जान बचाने के लिए बाहर भागे, इस दौरान कई लोग चोटिल भी हो गए।

 

ऑक्सीजन पर निर्भर दो मरीजों को सुरक्षित निकाला गया। आग इतनी भीषण थी कि धुएं का गुबार पांच किलोमीटर दूर से दिख रहा था। इसी दौरान एक फ्लैट में एसी में हुए धमाके ने आग को और भड़का दिया। गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर व हापुड़ की दमकल की 17 गाड़ियों से करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। 

 

शुरुआती जांच में आग का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आग से करोड़ों के नुकसान का अनुमान है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग और धुआं इतनी तेजी से फैले कि संभलने का मौका तक नहीं मिला। शुरू में सोसायटी के लोग पानी के पाइप लेकर आग बुझाने की नाकाम कोशिश करते रहे। बाल्टियों से भी पानी डाला गया। सोसायटी में चार टावर में 440 फ्लैट हैं, जिनमें दो हजार लोग रहते हैं। 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed