नई व्यवस्था : बिजली विभाग अब प्रधान और पार्षद की मदद से वसूलेगा बिजली का बिल
बकाया बिजली बिल वसूलने के लिए अब बिजली विभाग प्रधान और पार्षद की मदद लेने जा रहा है। इसके लिए प्रधानों व पार्षदों को अवर अभियंता की ओर से उनके क्षेत्र के बकायेदारों की सूची भी थमाई जा रही है।
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बकाया बिजली बिल वसूलने के लिए अब बिजली विभाग प्रधान और पार्षद की मदद लेने जा रहा है। इसके लिए प्रधानों व पार्षदों को अवर अभियंता की ओर से उनके क्षेत्र के बकायेदारों की सूची भी थमाई जा रही है। इस दौरान बकायेदारों से बिल जमा करवाने का अनुरोध किया जाएगा।
दरअसल, बिजली विभाग का शहर से लेकर देहात तक करीब 500 करोड़ रुपये से अधिक का बिल बकाया है। वसूली के लिए बनी प्रांतीय विभागीय टीमों को अपेक्षित सफलता नहीं मिलने पर अब प्रधानों और पार्षदों की मदद से राजस्व भरने की तैयारी है। जनपद में कुल 1540 ग्राम प्रधान और 100 पार्षद हैं। विभागीय अधिकारियों का मानना है कि प्रधान-पार्षद अपने क्षेत्र के लोगों से सीधा जुड़ाव रखते हैं। ऐसे में जब वे बकाया बिल जमा करने के लिए कहेंगे, तो उपभोक्ता भुगतान जरूर करेंगे।
शहर के सभी प्रधान और पार्षदों को यह सूची थमाई जा रही है। इनमें उन उपभोक्ताओं का नाम पहले हैं, जिन्होंने कनेक्शन लेने के बाद कभी भी बिजली बिल का भुगतान नहीं किया है। कहा जा रहा है कि इन उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसूल जाए, अन्यथा इनके बिजली कनेक्शन कटवा दिए जाएं। अधिकारियों के मुताबिक बकाया वसूली के संबंध में यह निर्देश शासन से प्राप्त हुआ है। जिसके बाद सूची तैयार कर जनप्रतिनिधियों की मदद ली जा रही है। बताया गया कि सभी जेई भी अपने क्षेत्रों में इस अभियान को चला रहे हैं।