Prayagraj : डीएम के औचक निरीक्षण में एसआरएन अस्पताल की शिकायत पेटिका में मिला कूड़ा, तीन पत्र भी मिले
स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय का बृहस्पतिवार की सुबह जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा व उनकी टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले ट्रामा पहुंचे।
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स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय का बृहस्पतिवार की सुबह जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा व उनकी टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जिलाधिकारी सबसे पहले ट्रामा पहुंचे। जहां पर उन्होंनें शिकायत पेटिका को खुलवाया। पेटिका में उन्हें कूड़े का ढेर और दो से तीन शिकायत पत्र मिले। इनमें डॉयलिसिस सेंटर में प्रयोग होने वाला सामान एवं दवाएं बाहर से मंगाए जाने की शिकायत मिली। जिलाधिकारी ने स्वरूपरानी चिकित्सालय के सभी ब्लाकों एवं जनपद के सभी प्रमुख चिकित्सालयों एवं सीएचसी, पीएचसी पर भी शिकायत व सुझाव पेटी रखे जाने एवं उसकी चाभी को सुरक्षित रखे जाने व प्रत्येक 15 दिन पर उच्च अधिकारियों की उपस्थिति में शिकायत पेटी को खोलकर सुझावों एवं शिकायतों पर प्रभावी एवं उचित कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए है।
जिलाधिकारी ने निरीक्षण के दौरान अनुपस्थित चिकित्सकों को लेकर नाराजगी जताई और प्रिंसिपल एवं सम्बंधित विभागाध्यक्षों को चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निरीक्षण के समय अनुपस्थित चिकित्सकों एवं कर्मचारियों के एक दिन का वेतन रोके जाने एवं उनसे स्पष्टीकरण प्राप्त करने का निर्देश दिया। उन्होंने सख्त हिदायत देते हुए कहा है कि अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले चिकित्सकों के विरूद्ध उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई प्रस्तावित की जायेगी।
निरीक्षण के समय ट्रामा सेंटर जी-2 के ड्यूटी पर रोस्टर के अनुसार डॉ. सत्य प्रकाश अनुपस्थित मिले। जिलाधिकारी ने इमरजेंसी वार्ड में शिफ्टवार तैनात चिकित्सकों के ड्यूटी रूम के बाहर ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों के शिफ्टवार नाम, मोबाइल नम्बर व समय स्पष्ट रूप से लिखकर सूचना चस्पा कराए जाने के लिए कहा। वहीं दूसरी तरफ अमर उजाला में औषधि में खेल अभियान का संज्ञान लेते हुए मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह ने अपर जिलाधिकारी नगर एवं अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम के साथ अस्पताल परिसर, वार्डों, शल्य कक्ष, प्रसूति कक्ष, औषधि भंडार, परीक्षण प्रयोगशाला, रोगी परामर्श कक्ष का निरीक्षण किया गया।
ओपीडी के निरीक्षण के समय दंत विभाग में डॉ. शरद चंद्र, मेडिसिन में डॉ. सत्यम अग्रवाल, ईएनटी विभाग डॉ. आनंद प्रकाश, डरमेटोलॉजी विभाग में डॉ. एसके ओझा, आर्थोपेडिक विभाग में डॉ. अहमद हसन, मनोचिकित्सा विभाग में डॉ. शैलेन्द्र कुमार मिश्रा, क्षय रोग विभाग में डॉ. एडी शुक्ला रोस्टर के अनुसार अनुपस्थित पाए गए। वहीं औषधि भंडार में पैराटोप मेडिसिन की उपलब्धता कम्प्यूटर में 139 थी, जबकि मौके पर मात्र 100 एवं सिट्राजिन की उपलब्धता 80 के सापेक्ष 75 पाई गई।
आपातकालीन सेवाओं के निरीक्षण में जीवन रक्षक दवाओं एवं उपकरणों की उपलब्धता सीमित मिली। प्रसूती कक्ष एवं शिशु वार्ड के निरीक्षण के समय कोई प्रभारी चिकित्सक उपस्थित नहीं पाया गया। प्री-लेवर रूम में एसी नहीं पाया गया और पर्याप्त साफ-सफाई भी नहीं मिली। निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी नजूल संजय पांडेय, अपर जिलाधिकारी नगर सत्यम मिश्र, अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम अविनाश यादव, अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय प्रेम नारायण प्रजापति ने पुरानी बिल्डिंग, ओपीडी ब्लॉक, ट्रामा, औषधि केंद्र, ओटी, वार्ड व नई बिल्डिंग में स्थित विशेषज्ञ ओपीडी का निरीक्षण किया।