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गजब : नाक में घुसे जोंक को चिकित्सकों ने दूरबीन विधि से निकाला, वाटरफॉल में नहाते समय घुसा था जोंक

Mon, 24 Jun 2024 07:24 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 24 Jun 2024 07:24 PM IST
सार

सोमवार को नाजरेथ अस्पताल में सुशील नाम का एक मरीज पहुंचा। उसकी नाक का दूरबीन विधि द्वारा ऑपरेशन करके एक जीवित फॉरेन बॉडी (जोक) को सफलतापूर्वक निकाला गया। मरीज की एक नाक से कई दिनों से रक्त बह रहा था और नाक के अंदर अजीब सी हलचल भी महसूस हो रही थी। 

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Doctors removed the leech that had entered the nose through binoculars. The leech had entered the nose while b
दूरबीन विधि के जरिए आपरेशन करके नाक में छिपे जोंक को निकाला गया। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

वाटर फॉल में नहाते समय नाक में कब जोंक घुस गया युवक को पता नहीं चला। तबीयत खराब होने के बाद परिजन उसे डॉक्टर के यहां ले आए। जांच के दौरान नाक में जोंक मिलने पर चिकित्सक भी सन्न रह गए। दूरबीन विधि से आपरेशन करके नाक से जोंक निकाला गया। चिकित्सकों के मुताबिक यह दुर्लभ केस है।

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सोमवार को नाजरेथ अस्पताल में सुशील नाम का एक मरीज पहुंचा। उसकी नाक का दूरबीन विधि द्वारा ऑपरेशन करके एक जीवित फॉरेन बॉडी (जोक) को सफलतापूर्वक निकाला गया। मरीज की एक नाक से कई दिनों से रक्त बह रहा था और नाक के अंदर अजीब सी हलचल भी महसूस हो रही थी। 
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जब मरीज को नाजरेथ अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया और जांच की गई, तो पता चला कि एक जिंदा जोक उसके बाएं नाक में काफी गहराई में टर्बिनेट के पीछे छिपा हुआ है और धीरे-धीरे वहां से रक्त को चूस रहा था। इस ऑपरेशन को अस्पताल के ईएनटी विभाग के सर्जन डॉ. सुभाष चंद्र वर्मा ने दूरबीन विधि द्वारा बिना आस-पास की सामान्य संरचना को नुकसान पहुँचाए हुए सुगमता से अंजाम दिया। शुक्र है कि जोक नाक के रास्ते दिमाग या आंख में नहीं गया, अन्यथा स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।

इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में एनेस्थेटिस्ट डॉ. एसबी सिंह, सिस्टर अन, सिस्टर शिनू, डॉ. अनिर्विना आदि सम्मिलित रहे। वरिष्ठ नाक कान एवं गला सर्जन डॉ. सुभाष चंद्र वर्मा ने बताया कि मरीज उत्तराखंड के एक वॉटरफॉल के रुके हुए पानी में दो हफ्ते पहले नहाया था। तालाब या पोखरे में नहाने वाले लोगों के शरीर के बाहरी हिस्सों में जोक चिपकी हुई तो देखने में मिल जाती है, लेकिन नाक के अंदर जोक का मिलना एक अद्भुत और दुर्लभ घटना है।

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