High Court : लेखपाल को सेवानिवृति लाभ न देने पर डीएम बागपत से जवाब तलब, सेवाकाल में भ्रष्टाचार का लगा था आरोप
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की एकल पीठ ने मेरठ निवासी सुखपाल सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी ने दलील दी कि याची लेखपाल पर सेवाकाल में चालीस हजार रुपया घूस मांगे जाने पर खेखड़ा थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के आरोपी सेवानिवृत लेखपाल को नियमित पेंशन और जीपीएफ न दिए जाने पर बागपत के जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से एक हफ्ते में जवाबी हलफनामा तलब किया हैं।
यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर की एकल पीठ ने मेरठ निवासी सुखपाल सिंह की ओर से दाखिल याचिका पर दिया। याची के अधिवक्ता सुनील चौधरी ने दलील दी कि याची लेखपाल पर सेवाकाल में चालीस हजार रुपया घूस मांगे जाने पर खेखड़ा थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। अपराधिक मामला मेरठ की पीसी एक्ट की विशेष अदालत में लंबित है। इसी आधार पर सेवानिवृत के बाद याची को नियमित पेंशन नही दी जा रही और उसके जीपीएफ पर भी रोक लगा दी गई है। जबकि नियमित पेंशन पाना हर सेवानिवृत कर्मचारी का हक है।
कोर्ट ने बागपत के जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से एक हफ्ते में जवाबी हलफनामा तलब किया है। कोर्ट ने बागपत के सिविल जज के जरिए डीएम बागपत की आदेश की प्रति 24 घंटे में डीएम को तामील कराने का आदेश भी दिया है।