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Prayagraj: असिस्टेंट प्रोफेसर परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग तेज, अभ्यर्थियों ने पारदर्शिता पर उठाए सवाल

Mon, 06 Oct 2025 03:32 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Mon, 06 Oct 2025 03:32 PM IST
सार

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा (विज्ञापन संख्या-51) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है।

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Demands for cancellation and re-conduct of Assistant Professor exam intensify
यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग, UPESSC - फोटो : X(@upesscprayagraj)

विस्तार

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा आयोजित असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा (विज्ञापन संख्या-51) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। रविवार को सैकड़ों अभ्यर्थियों ने एक्स पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल और प्रमुख सचिव शिक्षा को टैग करते हुए परीक्षा रद्द कर दोबारा कराने की मांग की। छात्रों ने इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित एक विस्तृत ज्ञापन भी जारी किया है।

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अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि 16 और 17 अप्रैल 2025 को आयोजित परीक्षा में व्यापक स्तर पर अनियमितताएं हुईं और पारदर्शिता की कमी देखने को मिली। उनका कहना है कि इससे आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। छात्रों ने परीक्षा नियंत्रक को तत्काल पद से हटाए जाने की भी मांग की है। छात्रों ने कहा कि उन्होंने पहले भी आयोग को कई ज्ञापन सौंपे लेकिन उनका संज्ञान नहीं लिया गया। उनका कहना है कि यदि सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की तो वे राज्यव्यापी आंदोलन शुरू करेंगे। अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री से अपील की है कि लाखों मेधावी छात्रों के भविष्य को बचाने के लिए परीक्षा निरस्त कर पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से दोबारा आयोजित की जाए।
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12 बिंदुओं पर हुईं गड़बड़ियों के साक्ष्य किए प्रस्तुत

छात्रों ने परीक्षा में नकल करते हुए पकड़े गए छात्र अधोक्षजानंद ओझा पर एफआईआर लेकिन हल्की कार्रवाई, एसटीएफ द्वारा बैजनाथ पाल, विपिन कुमार यादव और आयोग के आउटसोर्स कर्मचारी की गिरफ्तारी, प्रश्नपत्र में समानता और पेपर लीक की आशंका, अध्यक्ष का इस्तीफा और उपसचिव का तबादला, आंतरिक गड़बड़ी का संकेत, परीक्षा नियंत्रक की अवैध नियुक्ति और ब्लैक लिस्टेड कंपनी से परीक्षा करवाने, परीक्षा में रैंडमाइजेशन न करने और एक ही विषय के छात्रों को एक ही कक्ष में बैठाने, भूगोल विषय विशेषज्ञ पर अपने छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने समेत परीक्षा में 12 बिंदुओं पर हुईं गड़बड़ियों को साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं।

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