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छत को चीरकर गिरी बिजली पति-पत्नी और बेटे की मौत
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 24 Jun 2016 01:31 AM IST
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आकाशीय बिजली
- फोटो : demo pic
यमुनापार के शंकरगढ़ इलाके में बृहस्पतिवार दोपहर बारिश के दौरान बिजली छत को चीरकर पूरे परिवार पर जा गिरी। इससे पति-पत्नी और उनके बेटे की मौत हो गई। तीनों लोग कमरे में बैठे थे। एक बेटी घर में नहीं होने से बच गई। घटना से परिजनों औररिश्तेदारों में कोहराम मच गया। पुलिस के साथ पहुंचे एसडीएम ने मृतकों के आश्रितों को आर्थिक मुआवजा का भरोसा दिया।
शंकरगढ के पहाड़ी कला गांव में रहने वाले दयानंद पटेल के दो बेटों में बड़ा अनूप सिंह पटेल (34) खेती के जरिए पत्नी संध्या (31), बेटे दुर्गेश (12) और बेटी रिया (8) के साथ गुजारा करता था। बेटी रिया दो दिन से बढ़ैया गांव में अपनी बुआ के घर गई थी। बृहस्पतिवार दोपहर साढ़े बारह बजे बारिश के दौरान अनूप पत्नी संध्या और बेटे दुर्गेश के साथ घर के अंदर कमरे में था तभी अनहोनी हो गई। आकाश से तेज गर्जना के साथ छत पर गिरी बिजली ने कमरे में मौजूद पति-पत्नी और बेटे को चपेट में ले लिया।
बिजली आरसीसी की छत को चीरते हुए कमरे में घुसी थी। परिवार के लोग और पड़ोसी कुछ देर बाद कमरे में गए तो दंपति और बेटे की मौत हो चुकी थी। हल्ला मचा तो वहां भीड़ लग गई। महिलाएं रोने-कलपने लगीं। इस प्राकृतिक आपदा की जानकारी पाकर थानाध्यक्ष शंकरगढ़ संतोष शर्मा के साथ एसडीएम बारा राजकुमार द्विवेदी भी वहां पहुंच गए। एसडीएम ने कहा कि शासन से प्रति मृतक चार लाख रुपये के हिसाब से पीड़ित परिवार को 12 लाख रुपये तथा क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत को धन दिलाया जाएगा। दुखद घटना की जानकारी पाकर अनूप का छोटा भाई अखिलेश बुलंदशहर जाते समय रास्ते से रोता-बिलखता घर लौट आया।
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बारा/जसरा। बारा तहसील के सीध टिकट गांव में बृहस्पतिवार दोपहर लगभग एक बजे छप्पर पर बिजली गिरने से उसके नीचे बैठे पांच लोग झुलस गए। गंभीर रूप से जख्मी इन पांच लोगों को सीएचसी जसरा में भर्ती कराया गया। बृहस्पतिवार दोपहर पंडित का पूरा मजरा की सविता (35 वर्ष) पत्नी उदल, बृजकली (45 वर्ष) पत्नी पंडा, विजय शंकर (35 वर्ष) पुत्र रामलाल, मानिक चंद्र (35 वर्ष) पुत्र पुरूषोत्तम, कुसुमकली (22 वर्ष) पत्नी देवमुनि मड़हा में छप्पर के नीचे बैठे थे तभी बारिश के दौरान बिजली गिरी तो वे सभी चपेट में आ गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग आए और घायलों को सीएचसी जसरा में भर्ती कराया।
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शंकरगढ के पहाड़ी कला गांव में रहने वाले दयानंद पटेल के दो बेटों में बड़ा अनूप सिंह पटेल (34) खेती के जरिए पत्नी संध्या (31), बेटे दुर्गेश (12) और बेटी रिया (8) के साथ गुजारा करता था। बेटी रिया दो दिन से बढ़ैया गांव में अपनी बुआ के घर गई थी। बृहस्पतिवार दोपहर साढ़े बारह बजे बारिश के दौरान अनूप पत्नी संध्या और बेटे दुर्गेश के साथ घर के अंदर कमरे में था तभी अनहोनी हो गई। आकाश से तेज गर्जना के साथ छत पर गिरी बिजली ने कमरे में मौजूद पति-पत्नी और बेटे को चपेट में ले लिया।
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बिजली आरसीसी की छत को चीरते हुए कमरे में घुसी थी। परिवार के लोग और पड़ोसी कुछ देर बाद कमरे में गए तो दंपति और बेटे की मौत हो चुकी थी। हल्ला मचा तो वहां भीड़ लग गई। महिलाएं रोने-कलपने लगीं। इस प्राकृतिक आपदा की जानकारी पाकर थानाध्यक्ष शंकरगढ़ संतोष शर्मा के साथ एसडीएम बारा राजकुमार द्विवेदी भी वहां पहुंच गए। एसडीएम ने कहा कि शासन से प्रति मृतक चार लाख रुपये के हिसाब से पीड़ित परिवार को 12 लाख रुपये तथा क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत को धन दिलाया जाएगा। दुखद घटना की जानकारी पाकर अनूप का छोटा भाई अखिलेश बुलंदशहर जाते समय रास्ते से रोता-बिलखता घर लौट आया।
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बारा/जसरा। बारा तहसील के सीध टिकट गांव में बृहस्पतिवार दोपहर लगभग एक बजे छप्पर पर बिजली गिरने से उसके नीचे बैठे पांच लोग झुलस गए। गंभीर रूप से जख्मी इन पांच लोगों को सीएचसी जसरा में भर्ती कराया गया। बृहस्पतिवार दोपहर पंडित का पूरा मजरा की सविता (35 वर्ष) पत्नी उदल, बृजकली (45 वर्ष) पत्नी पंडा, विजय शंकर (35 वर्ष) पुत्र रामलाल, मानिक चंद्र (35 वर्ष) पुत्र पुरूषोत्तम, कुसुमकली (22 वर्ष) पत्नी देवमुनि मड़हा में छप्पर के नीचे बैठे थे तभी बारिश के दौरान बिजली गिरी तो वे सभी चपेट में आ गए। चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग आए और घायलों को सीएचसी जसरा में भर्ती कराया।