अगवा विनय का कत्ल, चक्काजाम और हंगामा
रविवार को पुलिस ने दोबारा नारायण सहाय को चीरघर में आकर शव की शिनाख्त को बुलाया। शव देख पिता के आंसू निकल आए और बताया कि शव उनके अगवा बेटे विनय का ही है। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों के साथ सैकड़ों की संख्या में मौजूद मोहल्ले के लोगों ने शव एसआरएन अस्पताल मोड़ पर रखकर एमजी मार्ग जाम कर दिया। हत्या से आक्रोशित लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान आक्रोशित लोगों की पुलिस से नोंकझोंक भी हुई। उनकी मांग थी कि इंस्पेक्टर धूमनगंज को सस्पेंड किया जाए और और परिजनों को 20 लाख रुपये मुआवजा मिले। लगभग दो घंटे बाद पुलिस अफसरों ने मांगों को पूरा करने का आश्वासन देकर जाम खत्म कराया। पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया है।
मुंडेरा में कई सालों से मकान बनाकर रहने वाले नारायण सहाय सिंह मूल रूप फ तेहपुर में अजरौली धाता के रहने वाले हैं। उनके दो बेटों में बड़ा विपिन शाहजहांपुर में एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। जबकि छोटा बेटा विनय सिंह उर्फ छोटू ने बीटेक किया है। वह अल्लापुर में रहने वाले दादा नारायण सिंह के साथ प्रापर्टी डीलिंग और ठेकेदारी का काम देखता था। पांच माह पहले उसकी शादी फतेहपुर में शिवपुर खागा की श्रुति सिंह के साथ हुई थी। विनय के गायब होने के बाद से ही घर में कोहराम मचा हुआ था। रविवार दोपहर मौत की खबर मिली तो घर में चीखपुर मच गई। पत्नी श्रुति और मां सुमित्रा तो रोते-रोते अचेत हो गईं।