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पीतल को सोना बताकर ठगने वाले चार गिरफ्तार

Mon, 18 Jul 2016 01:58 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद Updated Mon, 18 Jul 2016 01:58 AM IST
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Gold brass telling trick four arrested
क्राइम - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
होटलों में टिककर ठगी की घटनाओं को अंजाम देने वाले गिरोह के चार अपराधियों को रविवार सुबह रेलवे पुलिस ने जंक्शन स्टेशन पर गिरफ्तार कर लिया। वे लोगों को बेहद कम कीमत पर सोना बेचने का झांसा देकर चूना लगाते थे। यह गिरोह इलाहाबाद और प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में रेलवे स्टेशन से निकले यात्रियों को शिकार बनाता था। अपराधियों के कब्जे से गांजा, नगदी, कई मोबाइल, औजार और पीली धातु मिली है।
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जीआरपी के एसएसआई शंभू दयाल मौर्या रविवार सुबह उपनिरीक्षक कैलाशपति सिंह, सिपाहियों रियाजुल, अतुल सिंह, भूप सिंह यादव के साथ प्लेटफार्म नंबर चार पर निरीक्षण कर रहे थे। तभी चार संदिग्ध लोग दिखे। पुलिस को देख वे भागने लगे तो उन्हें घेरकर पकड़ लिया गया। थैलों की तलाशी में दस किलो गांजा, चोरी के औजार, छह मोबाइल फोन, चार हजार रुपये और सोने जैसी पीली धातु के आठ टुकडे़ मिले।
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पकड़े गए लोगों में जान मोहम्मद, अकील अहमद, शकील अहमद, रवि कुमार गुप्ता गोंडा जनपद के कोतवाली इलाके के  रहने वाले हैं। जीआरपी थाना प्रभारी मनोज सिंह के मुताबिक, पूछताछ में पता चला कि यह ठगों का गिरोह है। जान मोहम्मद गैंग का सरगना है। गिरोह के अपराधी इलाहाबाद और प्रतापगढ़ समेत कई जिलों में होटलों में टिकने के बाद रेलवे स्टेशन से निकले मुंबई, दिल्ली समेत महानगरों से कमाकर घर लौटने वाले लोगों को शिकार बनाते रहे हैं। साथ ही वे मोबाइल, पर्स चोरी और गांजा की तस्करी भी करते थे। बरामद छह में तीन मोबाइल चोरी के हैं। 
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गिरोह की ठगी का तरीका यूं है। वे दिल्ली या मुंबई से ट्रेन आने के वक्त रेलवे स्टेशन पर जाकर अपने शिकार को चिह्नित करते। एक ठग उसके साथ चलने लगता। वह यात्री से बातचीत करने लगता। तभी ठग का एक साथी उसके बगल में आकर सोने जैसी पीली धातु गिरा देता। तीसरा साथी उसे उठाकर आगे बढ़ जाता। कुछ पल बाद गिरोह का चौथा ठग आकर यात्री के साथ चल रहे ठग से कहता कि उसका 20 हजार रुपये कीमत का सोना गिर गया है देखा तो नहीं। यह पूछकर वह जाता तो यात्री के साथ मौजूद ठग सोना उठाकर जाने वाले अपने साथी को पकड़कर धमकी देता कि वह सोना उसे दे वरना पुलिस के हवाले कर दिया जाएगा।


इसके बाद वे दोनों सोना आपस में बांटने का दिखावा करते। यात्री से कहते कि वह चाहे तो बेहद कम कीमत पर उनसे सोना खरीद सकता है। यूं यात्री को बमुश्किल 50 रुपये का पीतल का टुकड़ा दो से चार हजार रुपये में देकर ठग निकल जाते थे। यूं ठग गिरोह रोज ही दो से चार यात्रियों को ठगता। फिर वे गोंडा लौट जाते। कुछ दिन बाद वे फिर इलाहाबाद आकर यूं ठगी करते और निकल जाते थे। पीतल में सोने जैसी चमक लाने के लिए वे नेपाल से केमिकल मंगाते थे। ये सभी पहले भी कई बार पकड़े जा चुके हैं। 
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