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कत्ल के बाद फरार पूर्व फौजी आया गिरफ्त में
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Fri, 30 Dec 2016 02:05 AM IST
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- फोटो : demo pic
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होली पर कोरांव इलाके के पारा गांव में अपने विरोधी को गोली मारकर हत्या के आरोपी पूर्व फौजी प्रदीप कुमार तिवारी को पुलिस ने क्राइम ब्रांच की मदद से गिरफ्तार कर लिया। वह घटना के बाद से कई राज्यों में फरारी काट रहा था। पुलिस पांच हजार रुपये का ईनाम घोषित कर उसके पीछे लगी थी।
कोरांव के पारा गांव में रहने वाले शिवपूजन कुशवाहा का कत्ल होलिका दहन के बाद कर दिया गया था। झगड़े के दौरान उसे गोली मार दी गई थी। हत्याकांड में पड़ोस में रहने वाले पूर्व फौजी प्रदीप कुमार तिवारी समेत छह लोगों पर केस दर्ज कराया गया। पांच आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए लेकिन प्रदीप पकड़ में नहीं आया। उसकी गिरफ्तारी के लिए हाईकोर्ट से भी पुलिस को आदेश जारी किया गया था। पुलिस ने यूपी के अलावा बिहार, राजस्थान में भी छापे मारे लेकिन वह मिला नहीं। उसे भगोड़ा घोषित कर पांच हजार रुपये का पुरस्कार घोषित कर दिया गया। अदालत से कुर्की की उद्घोषणा जारी कर पुलिस ने मुनादी भी करा दी थी।
इसी बीच बुधवार रात क्राइम ब्रांच ने उपनिरीक्षक नागेश कुमार सिंह, अवधेंद्र तिवारी, इंद्रप्रताप सिंह, पंकज त्रिपाठी, अब्दुल रज्जाक ने प्रदीप को कोरांव में मांडा रोड के गिरगोठा गांव के निकट पकड़ लिया। उसने कुबूला कि वह घटना के बाद से दूसरे राज्यों में भागता फिर रहा था। उसने खुद को इस घटना में बेगुनाह भी बताया। हालांकि एसपी यमुनापार अशोक कुमार तथा एसपी क्राइम मोहम्मद इरफान अंसारी ने कहा कि नामजद आरोपी होने के साथ ही वह भगोड़ा होने के चलते पकड़ा गया है।
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कोरांव के पारा गांव में रहने वाले शिवपूजन कुशवाहा का कत्ल होलिका दहन के बाद कर दिया गया था। झगड़े के दौरान उसे गोली मार दी गई थी। हत्याकांड में पड़ोस में रहने वाले पूर्व फौजी प्रदीप कुमार तिवारी समेत छह लोगों पर केस दर्ज कराया गया। पांच आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए लेकिन प्रदीप पकड़ में नहीं आया। उसकी गिरफ्तारी के लिए हाईकोर्ट से भी पुलिस को आदेश जारी किया गया था। पुलिस ने यूपी के अलावा बिहार, राजस्थान में भी छापे मारे लेकिन वह मिला नहीं। उसे भगोड़ा घोषित कर पांच हजार रुपये का पुरस्कार घोषित कर दिया गया। अदालत से कुर्की की उद्घोषणा जारी कर पुलिस ने मुनादी भी करा दी थी।
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इसी बीच बुधवार रात क्राइम ब्रांच ने उपनिरीक्षक नागेश कुमार सिंह, अवधेंद्र तिवारी, इंद्रप्रताप सिंह, पंकज त्रिपाठी, अब्दुल रज्जाक ने प्रदीप को कोरांव में मांडा रोड के गिरगोठा गांव के निकट पकड़ लिया। उसने कुबूला कि वह घटना के बाद से दूसरे राज्यों में भागता फिर रहा था। उसने खुद को इस घटना में बेगुनाह भी बताया। हालांकि एसपी यमुनापार अशोक कुमार तथा एसपी क्राइम मोहम्मद इरफान अंसारी ने कहा कि नामजद आरोपी होने के साथ ही वह भगोड़ा होने के चलते पकड़ा गया है।
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