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बाल कल्याण समित के प्रयास से बची बालिका
Updated Mon, 28 Aug 2017 09:43 PM IST
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बाल कल्याण समिति के प्रयास से बच सकी बालिका
दूसरे धर्म में शादी करने पर परिजन कर रहे थे प्रताड़ित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बाल कल्याण समिति इलाहाबाद की कोशिशों से बिहार के बक्सर में रहने वाली बालिका की जान बच सकी। परिजन उसे प्रताड़ित कर रहे थे। समिति ने समय रहते प्रयास कर बालिका को परिजनों के चंगुल से आजाद कराया। समिति ने बक्सर के एसपी से संपर्क कर बालिका पर खतरे की आशंका जताई जिसके बाद स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और बालिका को बचाया गया। दरअसल गैर धर्म के युवक से प्रेम संबंध होने के कारण इस बालिका को उसके परिजन प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे नाराज होकर वह इलाहाबाद आ गई। यहां उसे रेलवे स्टेशन से पुलिस ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सुपुर्द कर दिया। कमेटी के निर्देश पर उसे नारी संरक्षण गृह में रखा गया। 23 अगस्त को बालिका के घर वाले इलाहाबाद पहुंचे और बालिका की उसके प्रेमी से विवाह करा देने और प्रताड़ित नहीं करने का आश्वासन दिया। परिजनों के आश्वासन पर कल्याण समिति न्यायपीठ ने उसे परिजनों के हवाले कर दिया, मगर पहुंच कर लड़की से फोन पर बात कराने का निर्देश दिया था। साथ ही एक पत्र एसएसपी बक्सर को संबोधित करते हुए परिजनों को दिया जो उन्हें एसएसपी को सौंपना था। बक्सर जाने के बाद जब परिजनों से समिति के सदस्यों से बालिका की बात नहीं कराई तो उनको संदेह हुआ। एसएसपी से संपर्क किया गया तो पता चला कि उनको संबोधित पत्र भी परिजनों ने नहीं दिया है। समिति के अनुरोध पर एसएसपी बक्सर ने बालिका के घर पुलिस भेजी तो पता चला कि घर वाले और ग्रामीण मिलकर उसे बुरी तरह से मारपीट रहे थे। पुलिस ने हस्तक्षेप कर बालिका को उनके कब्जे से छुड़ा लिया है।
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दूसरे धर्म में शादी करने पर परिजन कर रहे थे प्रताड़ित
अमर उजाला ब्यूरो
इलाहाबाद।
बाल कल्याण समिति इलाहाबाद की कोशिशों से बिहार के बक्सर में रहने वाली बालिका की जान बच सकी। परिजन उसे प्रताड़ित कर रहे थे। समिति ने समय रहते प्रयास कर बालिका को परिजनों के चंगुल से आजाद कराया। समिति ने बक्सर के एसपी से संपर्क कर बालिका पर खतरे की आशंका जताई जिसके बाद स्थानीय पुलिस सक्रिय हुई और बालिका को बचाया गया। दरअसल गैर धर्म के युवक से प्रेम संबंध होने के कारण इस बालिका को उसके परिजन प्रताड़ित कर रहे थे, जिससे नाराज होकर वह इलाहाबाद आ गई। यहां उसे रेलवे स्टेशन से पुलिस ने चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सुपुर्द कर दिया। कमेटी के निर्देश पर उसे नारी संरक्षण गृह में रखा गया। 23 अगस्त को बालिका के घर वाले इलाहाबाद पहुंचे और बालिका की उसके प्रेमी से विवाह करा देने और प्रताड़ित नहीं करने का आश्वासन दिया। परिजनों के आश्वासन पर कल्याण समिति न्यायपीठ ने उसे परिजनों के हवाले कर दिया, मगर पहुंच कर लड़की से फोन पर बात कराने का निर्देश दिया था। साथ ही एक पत्र एसएसपी बक्सर को संबोधित करते हुए परिजनों को दिया जो उन्हें एसएसपी को सौंपना था। बक्सर जाने के बाद जब परिजनों से समिति के सदस्यों से बालिका की बात नहीं कराई तो उनको संदेह हुआ। एसएसपी से संपर्क किया गया तो पता चला कि उनको संबोधित पत्र भी परिजनों ने नहीं दिया है। समिति के अनुरोध पर एसएसपी बक्सर ने बालिका के घर पुलिस भेजी तो पता चला कि घर वाले और ग्रामीण मिलकर उसे बुरी तरह से मारपीट रहे थे। पुलिस ने हस्तक्षेप कर बालिका को उनके कब्जे से छुड़ा लिया है।