फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   गलत थी नामजदगी, लूट के लिए हुई थी दंपति की हत्या

गलत थी नामजदगी, लूट के लिए हुई थी दंपति की हत्या

Sat, 22 Jun 2019 01:56 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 22 Jun 2019 01:56 AM IST
विज्ञापन
गलत थी नामजदगी, लूट के लिए हुई थी दंपति की हत्या
गलत थी नामजदगी, लूट के लिए हुई थी दंपति की हत्या
विज्ञापन

सोरांव मेें हुए दोहरे हत्याकांड का खुलासा, तीन गिरफ्तार
हत्या के बाद 50 हजार रुपये लूट ले गए थे बदमाश
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। सोरांव के सरायलाल खातून में दो हफ्ते पहले हुए दंपति हत्याकांड का खुलासा हो गया है। पुलिस का दावा है कि लूट की नीयत से घुसे तीन बदमाश पति-पत्नी को मारने के बाद घर में रखे 50 हजार रुपये लूटकर भाग निकले थे। जिन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। घटना में शामिल एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है।
सरायलाल खातून गांव में सात जून की रात घर में सोते समय रिटायर दरोगा के बेटे नागेंद्रभूषण त्रिपाठी(32) वउसकी पत्नी मनोरमा(30) की हत्या कर दी गई थी। मृतक के पिता ने संपत्ति की रंजिश में हत्या की आशंका जताते हुए दूर के रिश्तेदार शिवनारायण मिश्रा व उसके बेटे शिवम समेत तीन पर मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि पुलिस का दावा है कि जांच में नामजदगी गलत पाई गई। विवेचना चल ही रही थी कि 14 जून को मृतक के घर से दिनदहाड़े चोरी कर भागते वक्त एक युवक रवि पासी निवासी थरवई पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपने साथियों का नाम बताया जिसके आधार पर थरवई के ही कमला प्रसाद व धमेंद्र गुप्ता को पकड़ा गया। कड़ाई से पूछताछ में दोनों ने जुर्म कबूलते हुए बताया कि वह मृतक के घर सबूत मिटाने की नीयत से गए थे। बताया कि दंपति की हत्या उन्होंने अपने साथी श्यामू पासी निवासी थरवई के साथ मिलकर की थी। इसके बाद घर में रखे 50 हजार रुपये लूटकर भाग निकले थे। एसपी गंगापार नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। उनके फरार साथी की तलाश हो रही है।
विज्ञापन


गले से नहीं उतर रही पुलिस की थ्योरी
पुलिस भले ही 15 दिन के भीतर डबल मर्डर का खुलासा कर अपनी पीठ ठोंक रही हो लेकिन उसके खुलासे पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। दरअसल पुलिस का यह बयान चौंकाने वाला है कि जिन बदमाशों ने सनसनीखेज हत्याकांड को अंजाम दिया, छह दिन बाद वही बदमाश फिर उसी घर में साक्ष्य मिटाने गए। सवाल यह है कि बदमाश इतने नासमझ कैसे हो सकते हैं कि घटनास्थल पर वह कुछ दिनों बाद ही दोबारा पहुंच जाएं। पुलिस की थ्योरी मान भी लें कि वह साक्ष्य मिटाने गए थे, तो इसके बाद वह चुपचाप क्यों नहीं भागे। जाते वक्त वह मृतक के घर से गेहूं की बोरियां भी उठाकर क्यों ले जाने लगे। बता दें कि बाइक पर गेहूं की बोरियां लादते वक्त ही नजर पड़ने पर स्थानीय लोगों ने उन्हें खदेड़ा जिसमेें से एक आरोपी रवि पकड़ा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed