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संयम, सुरक्षित प्रसव से संक्रमित परिवारों में गूंजीं किलकारियां

Mon, 27 Jul 2020 07:57 AM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: प्राची प्रियम Updated Mon, 27 Jul 2020 07:57 AM IST
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corona warrior story: Dr Amrita Chaurasia and team helps in successful birth of infants in corona affected families
डॉ. अमृता चौरसिया - फोटो : अमर उजाला

फेसबुक के साथ अमर उजाला ने कोरोना सेनानियों के जज्बे और जुनून पर यह श्रृंखला शुरू की है। इसके तहत आपको साहसी कोरोना सेनानियों की कथाएं नियमित रूप से पढ़ने को मिलेंगी।

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कोरोना काल में जब हर पल किसी अनहोनी की आशंका बनी हुई हो, तो न सिर्फ मां बल्कि नवजात के स्वास्थ्य और जीवन को लेकर भी संशय स्वभाविक है। अपनी सेहत की सुरक्षा की परवाह किए बगैर सूझबूझ, साहस और बुलंद हौसलों के साथ मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के गायनेकोलॉजी विभाग की अध्यक्ष डॉ. अमृता चौरसिया और उनकी टीम ने सुरक्षित प्रसव कराए। इससे प्रयागराज सहित आसपास के जिलों के अनेक घरों में किलकारियां गूंजीं।
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डॉ. चौरसिया और उनकी टीम ने स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में अब तक 25 कोरोना पॉजिटिव महिलाओं का सुरक्षित सीजेरियन प्रसव कराया है। दो का सामान्य प्रसव भी हुआ। प्रसव के बाद सभी महिलाएं स्वस्थ होकर घर गईं। 
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इनमें से केवल दो शिशुओं में कोरोना संक्रमण निकला, बाकी सभी की रिपोर्ट निगेटिव आई। डॉ. चौरसिया कहती हैं कि बतौर विभागाध्यक्ष, कोरोना से निपटने के लिए जो हो सकता था उसे जल्द से जल्द तैयार कर लिया गया। 

इसी क्रम में चिकित्सालय के एसआईसी डॉ. एके श्रीवास्तव, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. एसपी सिंह से कोविड मरीजों के प्रसव के लिए जरूरी और अलग से ओटी वार्ड बनाए जाने की अनुमति ले ली।

संक्रमित गर्भवती महिलाओं के लिए अलग टीम
कोरोना के उपचार और प्रसव के लिए अलग टीमें गठित की गईं। नई बीमारी के चलते शुरुआत में थोड़ा डर भी लगा। वहीं प्रसव के लिए आने वाले केस भी गंभीर थे। निजी अस्पतालों के गंभीर केस भी रेफर होकर आए। संयम और सूझबूझ से टीम काम करती रही जिससे सफलता मिली और लोगों का विभाग पर भरोसा कायम है।


जच्चा-बच्चा दोनों हुए स्वस्थ
एसआरएन चिकित्सालय में प्रसव कराने वाली सभी कोरोना पॉजिटिव महिलाएं ठीक होकर घर गईं। उनके बच्चे भी स्वस्थ हैं। दो-चार मामलों को छोड़कर जन्म लेने वाले सभी बच्चे निगेटिव पाए गए। यहां प्रयागराज के अलावा फतेहपुर, प्रतापगढ़, कौशांबी, भदोही, जौनपुर, मिर्जापुर की महिलाओं ने भी प्रसव करवाया।

(फेसबुक ने इस श्रृंखला के लिए हमारे साथ भागीदारी की है, लेकिन इस कड़ी में प्रकाशित होने वाले समाचारों पर कोई संपादकीय नियंत्रण नहीं लगाया है।)

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