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रिहाई के बाद भी लेने नहीं आया कोई अपना, पुलिस सुरक्षा में रवाना हुए मो. अजीज
Thu, 20 Jun 2019 03:48 PM IST
शाहरुख खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Published by: शाहरुख खान
Updated Thu, 20 Jun 2019 03:48 PM IST
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मो. अजीज
- फोटो : अमर उजाला
अयोध्या विस्फोटकांड में साक्ष्य के अभाव में बरी हुए जम्मू निवासी मो. अजीज 14 साल बाद जेल से रिहा होकर गुरुवार को सुबह 8.30 बजे नैनी जेल से रवाना हो गए। उन्हें जेल से बम्हरौली एयरपोर्ट ले जाया गया और वहां से फ्लैट से दिल्ली भेजा गया।
दिल्ली से वो जम्मू अपने घर जाएंगे। इस सब के बीच खास बात यह रही कि उन्हें लेने के लिए यहां कोई नहीं आया। पुलिस सुरक्षा में वो यहां से अकेले ही रवाना हुए।
बुधवार की शाम को अमर उजाला से बातचीत में मो. अजीज ने बताया था कि वो 14 साल जेल में रहे लेकिन उनके बड़े बेटे जफर के अलावा उनसे मिलने कोई नहीं आया।
वो भी इस बार करीब डेढ़ साल से नहीं आया था। पत्नी, छोटा बेटा और बेटी के अलावा भाई तो कभी आया ही नहीं। जिसकी वजह उन्होंने दूरी बताई थी। मो. अजीज के अनुसार, प्रयागराज से जम्मू का उनकहर करीब 1700-1800 किमी है।
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दिल्ली से वो जम्मू अपने घर जाएंगे। इस सब के बीच खास बात यह रही कि उन्हें लेने के लिए यहां कोई नहीं आया। पुलिस सुरक्षा में वो यहां से अकेले ही रवाना हुए।
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बुधवार की शाम को अमर उजाला से बातचीत में मो. अजीज ने बताया था कि वो 14 साल जेल में रहे लेकिन उनके बड़े बेटे जफर के अलावा उनसे मिलने कोई नहीं आया।
वो भी इस बार करीब डेढ़ साल से नहीं आया था। पत्नी, छोटा बेटा और बेटी के अलावा भाई तो कभी आया ही नहीं। जिसकी वजह उन्होंने दूरी बताई थी। मो. अजीज के अनुसार, प्रयागराज से जम्मू का उनकहर करीब 1700-1800 किमी है।
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इतनी दूर का सफर और उसमें होने वाले खर्च को वहन करने की हैसियत उनके परिवार की नहीं थी और न है। बुधवार की शाम को वह रिहा होकर बाहर बैठे थे, लेकिन उनके परिवार का कोई भी सदस्य उन्हें लेने नहीं आ पाया था, इसीलिये वो मायूस थे। गुरुवार को भी वो यहां से अकेले ही गए।
गुरुवार सुबह 8.30 बजे उन्हें एक दारोगा और दो सिपाहियों के साथ पुलिस जीप से बम्हरौली एयरपोर्ट भेज दिया गया। उन्हें लेने के लिए उनके घर का कोई सदस्य नहीं आया था। यह से जाने की व्यवस्था उनके वकीलों ने की थी।
एच बी सिंह, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, नैनी सेंट्रल जेल, प्रयागराज।
गुरुवार सुबह 8.30 बजे उन्हें एक दारोगा और दो सिपाहियों के साथ पुलिस जीप से बम्हरौली एयरपोर्ट भेज दिया गया। उन्हें लेने के लिए उनके घर का कोई सदस्य नहीं आया था। यह से जाने की व्यवस्था उनके वकीलों ने की थी।
एच बी सिंह, वरिष्ठ जेल अधीक्षक, नैनी सेंट्रल जेल, प्रयागराज।