अवमुक्तेश्वरानंद बोले : अनुकरणीय सनातन संस्कृति से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं, हिंदुओं को एकजुट होने का आह्वान
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बृहस्पतिवार को कहा कि सनातन संस्कृति के क्षरण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने हिंदू समाज से एकजुटता का आह्वान किया।
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ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बृहस्पतिवार को कहा कि सनातन संस्कृति के क्षरण को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने हिंदू समाज से एकजुटता का आह्वान किया। साथ ही कहा कि वह हिंदू धर्म की अस्मिता के साथ खिलवाड़ नहीं होने देंगे।
छत्तीसगढ़ के रायपुर में ब्रह्मवैवर्तपुराण की कथा के लिए रवाना होने से पहले बम्हरौली एयरपोर्ट पर जगद्गुरु शंकराचार्य ने कहा कि सनातन संस्कृति हमेशा से विश्व में सर्वोपरि और अनुकरणीय रही है। मौजूदा समय पूरा विश्व सनातन संस्कृति का अनुसरण कर रहा है। इसकी मर्यादा और प्रतिष्ठा बचाकर रखे जाने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि ज्योतिष्पीठ पर पदासीन होने के बाद वह घर-घर जाकर हिंदुओं को जागरूक कर रहे हैं।
शंकराचार्य ने कहा कि वह सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए हमेशा संघर्ष के लिए तैयार हैं। काशी प्रवास के बाद ज्योतिष्पीठाधीश्वर बृहस्पतिवार की दोपहर 3:30 बजे प्रयागराज स्थित बम्हरौली एयरपोर्ट पहुंचे। वहां से उन्होंने रायपुर के लिए उड़ान भरी।
रायपुर में वह ब्रह्मवैवर्त पुराण की कथा का वाचन करेंगे। इससे पहले एयरपोर्ट पर पूर्व ब्लाक प्रमुख आसपुर देवसरा लाल बहादुर पासी, प्रदीप पांडेय, विकास शुक्ला, देवेंद्र मिश्रा लारा, राजीव शुक्ला, विवेक शुक्ला, संदीप दुबे, सौरभ तिवारी, डॉ. शैलेंद्र योगी उर्फ योगिराज सरकार समेत तमाम अनुयायियों ने शंकराचार्य की अगवानी की।