Amitabh Bachchan : पहले संगम पर मां गंगा और बड़े हनुमान जी से लगाई अर्जी, फिर किया था नामांकन
इलाहाबाद लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने के लिए सुपरस्टार अमिताभ बच्चन जब संगमनगरी पहुंचे तो उन्हें देखने के लिए सड़कों के दोनों तरफ भीड़ जमा थी। उन्होंने भी लोगों को निराश नहीं किया और खुली जीप में खड़े होकर सभी का अभिवादन किया।
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इंदिरा गांधी की हत्या के बाद 1984 में हुए लोक सभा चुनाव में इलाहाबाद संसदीय सीट पर आखिरी दिन पर्चा दाखिल करने आए बॉलीवुड के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के सियासी दांव-पेच के चर्चे एक बार फिर शुरू हो गए हैं। आधी रात को यहां पहुंचे अमिताभ ने सुबह होने पर सबसे पहले संगम पर गंगा पूजा के बाद बड़े हनुमान जी के दरबार में हाजिरी लगाई थी। इसके बाद वह नामांकन किया था।
इस बीच वह महापुरुषों को नमन करना वह नहीं भूले। उनके लिए काली फिल्मवाली बंद शीशे वाली कार का इंतजाम किया गया था, लेकिन वह खुली जीप पर सवार होकर जब कलक्ट्रेट पहुंचे तब रास्ते भर सड़क की दोनों पटरियों पर उनकी एक झलक पाने के लिए रेला उमड़ पड़ा था। दरअसल, इलाहाबाद सीट पर अमिताभ के चुनाव लड़ने की बात दूर-दूर तक नहीं थी।
तब केपी तिवारी के नाम पर इलाहाबाद सीट से टिकट फाइनल हो चुका था। उन दिनों नामांकन दाखिला के लिए जिस खुली जीप से अमिताभ कलक्ट्रेट पहुंचे थे, उसे जार्जटाउन के अजय श्रीवास्तव चला रहे थे। वह जीप भी अजय की ही थी।
खुली जीप पर सवार होकर पहुंचे थे नामांकन करने
अजय बताते हैं कि उन दिनों यूपी कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहे उनके जीजा अजय नामांकन के दिन की पूरी व्यवस्था संभाल रहे थे। रात 10 बजे ही वह 25 गाड़ियों के काफिले के साथ फाफामऊ पुल पर अमिताभ को रिसीव करने पहुंच गए। रात एक बजे के बाद अमिताभ अरुण नेहरू के साथ एक कार में सवार होकर आए। वहां उनका स्वागत किया गया। फिर काफिले के साथ उन्हें सर्किट हाउस ले जाया गया।
अमिताभ के लिए होटल यात्रिक में भी कमरा बुक था। सर्किट हाउस में नामांकन की तैयारियां की जा रही थीं। तब कांग्रेसियों ने उन्हें भीड़ से बचाने के लिए काली फिल्म वाली बंद शीशे की कार से चलने का सुझाव दिया, लेकिन वह खुली जीप में जाना चाहते थे। आनन-फानन में अजय ने अपनी नई जीप को सजवाया और फिर उस पर सवार हुए बिग बी।
सड़क के दोनों तरफ थी खचाखच भीड़
कलक्ट्रेट जाते समय अमिताभ ने पहले संगम में डुबकी लगाने की इच्छा जताई। काफिला संगम की ओर मुड़ गया। वहां स्नान के बाद अमिताभ ने पहले गंगा पूजा की। फिर बड़े हनुमान जी के दरबार पहुंचे। वहां आरती के बाद वह जब जीप पर सवार हुए तो उनके साथ अशोक बाजपेयी, श्याम मूरत उपाध्याय, अमीन अंसारी भी थे। अमिताभ ने महापुरुषों को नमन करते हुए कलक्ट्रेट पहुंचने की बात कही। सबसे पहले मेडिकल चौराहे पर वह लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा पर पहुंचे। इसके बाद आजाद पार्क में शहीद चंद्रशेखर आजाद की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे।
वहां से काफिला हाईकोर्ट चौराहे पर आया, जहां बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के सामने उन्होंने शीश नवाया। वहां से एजी आफिस से हीरा हलवाई, धोबीघाट, पुलिस लाइन के पास से होकर वह कलक्ट्रेट पहुंचे थे। उन दिनों युवक कांग्रेस के उपाध्यक्ष रहे चौफटका निवासी अजय बताते हैं कि तब संगम से लेकर कलक्ट्रेट तक जहां से भी अमिताभ का काफिला गुजरा सड़कों की दोनों पटरियों पर कतारबद्ध भीड़ उनकी झलक पाने के लिए बेताब खड़ी रही।
दिल्ली में अमिताभ के घर जब पहुंचे थे अजय
चौफटका के 65 वर्षीय अजय बताते हैं कि अमिताभ बच्चन जब यहां चुनाव लड़ रहे थे तब कांग्रेस काफी मजबूत स्थिति में थी। इलाहाबाद सीट का उम्मीदवार कौन है, इस बात का पता बड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को नहीं था। लेकिन इस बात की जानकारी अजय श्रीवास्तव को मिल गई थी। तब वह उनसे मिलने दिल्ली पहुंच गए थे। जब उनके बंगले पर पहुंचे और स्लिप भेजी तब उनके छोटे भाई अजिताभ बच्चन बाहर आए। उन्होंने बताया था कि अभी वह व्यस्त हैं, नहीं मिल पाएंगे। कुछ देर बाद आइए। दो घंटे बाद फिर पहुंचने पर अमिताभ से मुलाकात हुई। तब अमिताभ ने उनके साथ इलाहाबाद के संगठन की जानकारी ली और चुनाव कैसे लड़ा जाए, इस पर भी चर्चा की थी।