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मेजा में बुखार से दो मासूमों की मौत, कई गंभीर
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
Updated Mon, 14 Sep 2015 11:48 PM IST
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जिले के यमुनापार इलाके में जानलेवा बुखार ने पांव पसार लिए हैं। पिछले चौबीस घंटे के भीतर जानलेवा बुखार से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। क्षेत्र के कई गांवों में जानलेवा बुखार का जबरदस्त प्रकोप है और कई बच्चे बीमारी की गिरफ्त में है। इनकी संख्या 15 से अधिक है। कई मासूमों की हालत इतनी खराब है कि उन्हें एसआरएन, बेली, काल्विन जैसे बड़े सरकारी अस्पतालों में रेफर किया गया है। जानलेवा बुखार के कहर से हुई बच्चों की मौत और तेजी से फैल रहे बुखार के प्रकोप की सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग गंभीर नहीं है। बच्चों के इलाज में चिकित्सकों की घोर लापरवाही सामने आई है। ग्रामीणों के मुताबिक जानकारी देने के बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम गांवों में नहीं पहुंची। जिससे लोगों में आक्रोश है।
मेजा क्षेत्र के झड़ियही, भैंया भोजपुरवा , सुजनी, समोधा सहित आसपास के कई गांवों में पिछले चार दिनों से जानलेवा बुखार से पांव पसार लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक भैंया भोजपुरवा गांव निवासी अजीत की बेटी मधु (12 साल) को शनिवार देर शाम तेज बुखार हुआ। बदहवास परिजनों ने गांव के ही झोलाछाप से इलाज कराया लेकिन हालत सुधरने की जगह खराब होती गई। आखिरकार देर रात मधु की मौत हो गई। वहीं झड़ियही निवासी श्यामलाल निषाद की बेटी राधिका (11 साल ) को रविवार सुबह तेज बुखार हुआ।
परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए लेकिन दवाओं का असर होता इससे पहले ही उसकी भी मौत हो गई। ग्रामीणों की मानें तो इलाके के ईंटवा खुर्द निवासी आबाद अहमद (10 साल), तमन्ना बानो (14 साल), सरफराज (12 साल), आदित (13 साल), बेटू ( सात साल) और झुड़यही की आरती (सात साल), सुजनी समोधा की सोनाली (11 साल) सहित कई अन्य बच्चे जानलेवा बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों की माने तो जानलेवा बुखार के बारे में सीएचसी मेजा के चिकित्सकों को जानकारी दी गई लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। वहीं मेजा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. ओम प्रकाश का कहना है कि जानलेवा बुखार से दे बच्चों के मौत की जानकारी मिली है। विभागीय टीम आज उन गांवों का दौरा करेगी, जहां से बच्चों के मौत की सूचनाएं आयी है।
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मेजा क्षेत्र के झड़ियही, भैंया भोजपुरवा , सुजनी, समोधा सहित आसपास के कई गांवों में पिछले चार दिनों से जानलेवा बुखार से पांव पसार लिए हैं। सूत्रों के मुताबिक भैंया भोजपुरवा गांव निवासी अजीत की बेटी मधु (12 साल) को शनिवार देर शाम तेज बुखार हुआ। बदहवास परिजनों ने गांव के ही झोलाछाप से इलाज कराया लेकिन हालत सुधरने की जगह खराब होती गई। आखिरकार देर रात मधु की मौत हो गई। वहीं झड़ियही निवासी श्यामलाल निषाद की बेटी राधिका (11 साल ) को रविवार सुबह तेज बुखार हुआ।
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परिजन उसे डॉक्टर के पास ले गए लेकिन दवाओं का असर होता इससे पहले ही उसकी भी मौत हो गई। ग्रामीणों की मानें तो इलाके के ईंटवा खुर्द निवासी आबाद अहमद (10 साल), तमन्ना बानो (14 साल), सरफराज (12 साल), आदित (13 साल), बेटू ( सात साल) और झुड़यही की आरती (सात साल), सुजनी समोधा की सोनाली (11 साल) सहित कई अन्य बच्चे जानलेवा बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों की माने तो जानलेवा बुखार के बारे में सीएचसी मेजा के चिकित्सकों को जानकारी दी गई लेकिन स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची। वहीं मेजा सीएचसी के अधीक्षक डॉ. ओम प्रकाश का कहना है कि जानलेवा बुखार से दे बच्चों के मौत की जानकारी मिली है। विभागीय टीम आज उन गांवों का दौरा करेगी, जहां से बच्चों के मौत की सूचनाएं आयी है।
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